२२००+ धातुओं के दसों लकारों के रूप, कर्मणि-भावे प्रयोग व कृदन्त — धातु, क्रिया-रूप (गच्छति, अकरोत् ) या अर्थ (जाना, read ) से खोजें
पन्थ् (पथिँ)
चुरादिगण · उभयपदी · धातुपाठ 10.0060
धात्वर्थ: गतौ — जाना (to go)
कर्तरि — परस्मैपद कर्तरि — आत्मनेपद कर्मणि / भावे कृदन्त
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम पन्थति / पन्थयति पन्थतः / पन्थयतः पन्थन्ति / पन्थयन्ति मध्यम पन्थयसि / पन्थसि पन्थथः / पन्थयथः पन्थथ / पन्थयथ उत्तम पन्थयामि / पन्थामि पन्थयावः / पन्थावः पन्थयामः / पन्थामः
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम पन्थतात् / पन्थताद् / पन्थतु / पन्थयतात् / पन्थयताद् / पन्थयतु पन्थताम् / पन्थयताम् पन्थन्तु / पन्थयन्तु मध्यम पन्थ / पन्थतात् / पन्थताद् / पन्थय / पन्थयतात् / पन्थयताद् पन्थतम् / पन्थयतम् पन्थत / पन्थयत उत्तम पन्थयानि / पन्थानि पन्थयाव / पन्थाव पन्थयाम / पन्थाम
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अपन्थत् / अपन्थद् / अपन्थयत् / अपन्थयद् अपन्थताम् / अपन्थयताम् अपन्थन् / अपन्थयन् मध्यम अपन्थः / अपन्थयः अपन्थतम् / अपन्थयतम् अपन्थत / अपन्थयत उत्तम अपन्थम् / अपन्थयम् अपन्थयाव / अपन्थाव अपन्थयाम / अपन्थाम
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम पन्थयेत् / पन्थयेद् / पन्थेत् / पन्थेद् पन्थयेताम् / पन्थेताम् पन्थयेयुः / पन्थेयुः मध्यम पन्थयेः / पन्थेः पन्थयेतम् / पन्थेतम् पन्थयेत / पन्थेत उत्तम पन्थयेयम् / पन्थेयम् पन्थयेव / पन्थेव पन्थयेम / पन्थेम
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम पन्थयिष्यति / पन्थिष्यति पन्थयिष्यतः / पन्थिष्यतः पन्थयिष्यन्ति / पन्थिष्यन्ति मध्यम पन्थयिष्यसि / पन्थिष्यसि पन्थयिष्यथः / पन्थिष्यथः पन्थयिष्यथ / पन्थिष्यथ उत्तम पन्थयिष्यामि / पन्थिष्यामि पन्थयिष्यावः / पन्थिष्यावः पन्थयिष्यामः / पन्थिष्यामः
लुट् लकार अनद्यतन भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम पन्थयिता / पन्थिता पन्थयितारौ / पन्थितारौ पन्थयितारः / पन्थितारः मध्यम पन्थयितासि / पन्थितासि पन्थयितास्थः / पन्थितास्थः पन्थयितास्थ / पन्थितास्थ उत्तम पन्थयितास्मि / पन्थितास्मि पन्थयितास्वः / पन्थितास्वः पन्थयितास्मः / पन्थितास्मः
लिट् लकार परोक्ष भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम पन्थयाञ्चकार / पन्थयामास / पन्थयाम्बभूव / पपन्थ पन्थयाञ्चक्रतुः / पन्थयामासतुः / पन्थयाम्बभूवतुः / पपन्थतुः पन्थयाञ्चक्रुः / पन्थयामासुः / पन्थयाम्बभूवुः / पपन्थुः मध्यम पन्थयाञ्चकर्थ / पन्थयामासिथ / पन्थयाम्बभूविथ / पपन्थिथ पन्थयाञ्चक्रथुः / पन्थयामासथुः / पन्थयाम्बभूवथुः / पपन्थथुः पन्थयाञ्चक्र / पन्थयामास / पन्थयाम्बभूव / पपन्थ उत्तम पन्थयाञ्चकर / पन्थयाञ्चकार / पन्थयामास / पन्थयाम्बभूव / पपन्थ पन्थयाञ्चकृव / पन्थयामासिव / पन्थयाम्बभूविव / पपन्थिव पन्थयाञ्चकृम / पन्थयामासिम / पन्थयाम्बभूविम / पपन्थिम
लुङ् लकार सामान्य भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अपन्थीत् / अपन्थीद् / अपपन्थत् / अपपन्थद् अपन्थिष्टाम् / अपपन्थताम् अपन्थिषुः / अपपन्थन् मध्यम अपन्थीः / अपपन्थः अपन्थिष्टम् / अपपन्थतम् अपन्थिष्ट / अपपन्थत उत्तम अपन्थिषम् / अपपन्थम् अपन्थिष्व / अपपन्थाव अपन्थिष्म / अपपन्थाम
आशीर्लिङ् लकार आशीर्वाद
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम पन्थ्यात् / पन्थ्याद् पन्थ्यास्ताम् पन्थ्यासुः मध्यम पन्थ्याः पन्थ्यास्तम् पन्थ्यास्त उत्तम पन्थ्यासम् पन्थ्यास्व पन्थ्यास्म
लृङ् लकार क्रियातिपत्ति (हेतुहेतुमद्भूत)
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अपन्थयिष्यत् / अपन्थयिष्यद् / अपन्थिष्यत् / अपन्थिष्यद् अपन्थयिष्यताम् / अपन्थिष्यताम् अपन्थयिष्यन् / अपन्थिष्यन् मध्यम अपन्थयिष्यः / अपन्थिष्यः अपन्थयिष्यतम् / अपन्थिष्यतम् अपन्थयिष्यत / अपन्थिष्यत उत्तम अपन्थयिष्यम् / अपन्थिष्यम् अपन्थयिष्याव / अपन्थिष्याव अपन्थयिष्याम / अपन्थिष्याम
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम पन्थयते पन्थयेते पन्थयन्ते मध्यम पन्थयसे पन्थयेथे पन्थयध्वे उत्तम पन्थये पन्थयावहे पन्थयामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम पन्थयताम् पन्थयेताम् पन्थयन्ताम् मध्यम पन्थयस्व पन्थयेथाम् पन्थयध्वम् उत्तम पन्थयै पन्थयावहै पन्थयामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अपन्थयत अपन्थयेताम् अपन्थयन्त मध्यम अपन्थयथाः अपन्थयेथाम् अपन्थयध्वम् उत्तम अपन्थये अपन्थयावहि अपन्थयामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम पन्थयेत पन्थयेयाताम् पन्थयेरन् मध्यम पन्थयेथाः पन्थयेयाथाम् पन्थयेध्वम् उत्तम पन्थयेय पन्थयेवहि पन्थयेमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम पन्थयिष्यते पन्थयिष्येते पन्थयिष्यन्ते मध्यम पन्थयिष्यसे पन्थयिष्येथे पन्थयिष्यध्वे उत्तम पन्थयिष्ये पन्थयिष्यावहे पन्थयिष्यामहे
लुट् लकार अनद्यतन भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम पन्थयिता पन्थयितारौ पन्थयितारः मध्यम पन्थयितासे पन्थयितासाथे पन्थयिताध्वे उत्तम पन्थयिताहे पन्थयितास्वहे पन्थयितास्महे
लिट् लकार परोक्ष भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम पन्थयाञ्चक्रे / पन्थयामास / पन्थयाम्बभूव पन्थयाञ्चक्राते / पन्थयामासतुः / पन्थयाम्बभूवतुः पन्थयाञ्चक्रिरे / पन्थयामासुः / पन्थयाम्बभूवुः मध्यम पन्थयाञ्चकृषे / पन्थयामासिथ / पन्थयाम्बभूविथ पन्थयाञ्चक्राथे / पन्थयामासथुः / पन्थयाम्बभूवथुः पन्थयाञ्चकृढ्वे / पन्थयामास / पन्थयाम्बभूव उत्तम पन्थयाञ्चक्रे / पन्थयामास / पन्थयाम्बभूव पन्थयाञ्चकृवहे / पन्थयामासिव / पन्थयाम्बभूविव पन्थयाञ्चकृमहे / पन्थयामासिम / पन्थयाम्बभूविम
लुङ् लकार सामान्य भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अपपन्थत अपपन्थेताम् अपपन्थन्त मध्यम अपपन्थथाः अपपन्थेथाम् अपपन्थध्वम् उत्तम अपपन्थे अपपन्थावहि अपपन्थामहि
आशीर्लिङ् लकार आशीर्वाद
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम पन्थयिषीष्ट पन्थयिषीयास्ताम् पन्थयिषीरन् मध्यम पन्थयिषीष्ठाः पन्थयिषीयास्थाम् पन्थयिषीढ्वम् / पन्थयिषीध्वम् उत्तम पन्थयिषीय पन्थयिषीवहि पन्थयिषीमहि
लृङ् लकार क्रियातिपत्ति (हेतुहेतुमद्भूत)
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अपन्थयिष्यत अपन्थयिष्येताम् अपन्थयिष्यन्त मध्यम अपन्थयिष्यथाः अपन्थयिष्येथाम् अपन्थयिष्यध्वम् उत्तम अपन्थयिष्ये अपन्थयिष्यावहि अपन्थयिष्यामहि
कर्मणि प्रयोग में क्रिया कर्म के अनुसार (सकर्मक धातु), भावे प्रयोग में सदा प्रथम पुरुष एकवचन (अकर्मक धातु) — आत्मनेपद के प्रत्यय।
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम पन्थ्यते पन्थ्येते पन्थ्यन्ते मध्यम पन्थ्यसे पन्थ्येथे पन्थ्यध्वे उत्तम पन्थ्ये पन्थ्यावहे पन्थ्यामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम पन्थ्यताम् पन्थ्येताम् पन्थ्यन्ताम् मध्यम पन्थ्यस्व पन्थ्येथाम् पन्थ्यध्वम् उत्तम पन्थ्यै पन्थ्यावहै पन्थ्यामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अपन्थ्यत अपन्थ्येताम् अपन्थ्यन्त मध्यम अपन्थ्यथाः अपन्थ्येथाम् अपन्थ्यध्वम् उत्तम अपन्थ्ये अपन्थ्यावहि अपन्थ्यामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम पन्थ्येत पन्थ्येयाताम् पन्थ्येरन् मध्यम पन्थ्येथाः पन्थ्येयाथाम् पन्थ्येध्वम् उत्तम पन्थ्येय पन्थ्येवहि पन्थ्येमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम पन्थयिष्यते / पन्थिष्यते पन्थयिष्येते / पन्थिष्येते पन्थयिष्यन्ते / पन्थिष्यन्ते मध्यम पन्थयिष्यसे / पन्थिष्यसे पन्थयिष्येथे / पन्थिष्येथे पन्थयिष्यध्वे / पन्थिष्यध्वे उत्तम पन्थयिष्ये / पन्थिष्ये पन्थयिष्यावहे / पन्थिष्यावहे पन्थयिष्यामहे / पन्थिष्यामहे
प्रत्यय प्रयोग / अर्थ प्रातिपदिक / अव्यय पुंलिङ्ग स्त्रीलिङ्ग नपुंसकलिङ्ग
ल्युट् भाववाचक/करणवाचक कृदन्त पन्थन — — पन्थनम्
ण्वुल् कर्तृवाचक कृदन्त पन्थक पन्थकः पन्थिका पन्थकम्
तृच् कर्तृवाचक कृदन्त पन्थितृ पन्थिता पन्थित्री पन्थितृ
यत् विध्यर्थक कृदन्त पन्थ्य पन्थ्यः पन्थ्या पन्थ्यम्
ण्यत् विध्यर्थक कृदन्त पन्थ्य पन्थ्यः पन्थ्या पन्थ्यम्
तव्य विध्यर्थक कृदन्त (करना चाहिए) पन्थितव्य पन्थितव्यः पन्थितव्या पन्थितव्यम्
अनीयर् विध्यर्थक कृदन्त पन्थनीय पन्थनीयः पन्थनीया पन्थनीयम्
क्त भूतकालिक कर्मणि कृदन्त (निष्ठा) पन्थित पन्थितः पन्थिता पन्थितम्
क्तवतु भूतकालिक कर्तरि कृदन्त (निष्ठा) पन्थितवत् पन्थितवान् पन्थितवती पन्थितवत् / पन्थितवद्
शतृ वर्तमानकालिक कृदन्त (परस्मैपद) पन्थत् पन्थन् पन्थन्ती पन्थत् / पन्थद्
स्य-शतृ भविष्यत्कालिक कृदन्त पन्थिष्यत् पन्थिष्यन् पन्थिष्यती / पन्थिष्यन्ती पन्थिष्यत् / पन्थिष्यद्
शानच् वर्तमानकालिक कृदन्त (आत्मनेपद) पन्थयमान पन्थयमानः पन्थयमाना पन्थयमानम्
क्त्वा पूर्वकालिक अव्यय (करके) पन्थित्वा — — —
ल्यप् पूर्वकालिक अव्यय, उपसर्ग-सहित (करके) प्रपन्थ्य — — —
तुमुन् निमित्तार्थक अव्यय (करने के लिए) पन्थितुम् — — —
णमुल् पूर्वकालिक/आभीक्ष्ण्य अव्यय पन्थम् — — —
घञ् भाववाचक कृदन्त पन्थ पन्थः — —
क्तिन् भाववाचक स्त्रीलिङ्ग कृदन्त पन्ति — पन्तिः —
क्वसु भूतकालिक (लिट्) कृदन्त पपन्थ्वस् पपन्थ्वान् पपन्थुषी पपन्थ्वत् / पपन्थ्वद्
इन कृदन्त-प्रातिपदिकों के सम्पूर्ण विभक्ति-रूप शब्द-रूपावली में देखें (जैसे क्त — भूत → पुंलिङ्ग "राम" के समान)।