॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: हिंसा करना, सींचना, कष्ट देना
संस्कृत: सेचनहिंसासङ्क्लेशनेषु
अंग्रेज़ी: to sprinkle,to kill, to destroy, to hurt
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | पर्षति | पर्षतः | पर्षन्ति |
| मध्यम | पर्षसि | पर्षथः | पर्षथ |
| उत्तम | पर्षामि | पर्षावः | पर्षामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: पर्षति · लिट्: पपर्ष · लुट्: पर्षिता · लृट्: पर्षिष्यति · लोट्: पर्षतात् · लङ्: अपर्षत् · विधिलिङ्: पर्षेत् · आशीर्लिङ्: पृष्यात् · लुङ्: अपर्षीत् · लृङ्: अपर्षिष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: पर्षण · ण्वुल्: पर्षकः · तृच्: पर्षिता · तव्य: पर्षितव्यः · अनीयर्: पर्षणीयः · क्त: पृष्टः · क्तवतु: पृष्टवान् · शतृ: पर्षन् · स्य-शतृ: पर्षिष्यन् · क्त्वा: पृष्ट्वा · ल्यप्: प्रपृष्य · तुमुन्: पर्षितुम् · णमुल्: पर्षम् · घञ्: पर्षः · क्तिन्: पृष्टि · क्वसु: पपृष्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| पर्षति | पृष् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: पर्षत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: पृष् + शतृ | पर्षत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: पृष् + शतृ |
पर्षति ➤ हिंसा करना, सींचना, कष्ट देना
संस्कृत: सेचनहिंसासङ्क्लेशनेषु
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड