॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: बांधना, बेडी डालना, फांस लगाना
संस्कृत: बन्धने
अंग्रेज़ी: to lockup, to bind, to hang till death
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | पाशयति | पाशयतः | पाशयन्ति |
| मध्यम | पाशयसि | पाशयथः | पाशयथ |
| उत्तम | पाशयामि | पाशयावः | पाशयामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: पाशयति · लट् (आत्मने.): पाशयते · लिट्: पाशयाञ्चकार · लिट् (आत्मने.): पाशयाञ्चक्रे · लुट्: पाशयिता · लुट् (आत्मने.): पाशयिता · लृट्: पाशयिष्यति · लृट् (आत्मने.): पाशयिष्यते · लोट्: पाशयतात् · लोट् (आत्मने.): पाशयताम् · लङ्: अपाशयत् · लङ् (आत्मने.): अपाशयत · विधिलिङ्: पाशयेत् · विधिलिङ् (आत्मने.): पाशयेत · आशीर्लिङ्: पाश्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): पाशयिषीष्ट · लुङ्: अपीपशत् · लुङ् (आत्मने.): अपीपशत · लृङ्: अपाशयिष्यत् · लृङ् (आत्मने.): अपाशयिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: पाशन · ण्वुल्: पाशकः · तृच्: पाशयिता · यत्: पाश्यः · तव्य: पाशयितव्यः · अनीयर्: पाशनीयः · क्त: पाशितः · क्तवतु: पाशितवान् · शतृ: पाशयन् · स्य-शतृ: पाशयिष्यन् · शानच्: पाशयमानः · क्त्वा: पाशयित्वा · ल्यप्: प्रपाश्य · तुमुन्: पाशयितुम् · णमुल्: पाशम् · क्तिन्: पाष्टि · क्वसु: पाशयाम्बभूवान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| पाशयति | पश् धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: पश् धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन · णिजन्त (प्रेरणार्थक) | पाशयत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: पश् + शतृ |
पाशयति ➤ बांधना, बेडी डालना, फांस लगाना
संस्कृत: बन्धने
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.३ सेकण्ड