॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: पुष्पयुक्त होना, फूलना, विकसित होना
संस्कृत: विकसने
अंग्रेज़ी: to blossom, to flourish, to flower
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | पुष्प्यति | पुष्प्यतः | पुष्प्यन्ति |
| मध्यम | पुष्प्यसि | पुष्प्यथः | पुष्प्यथ |
| उत्तम | पुष्प्यामि | पुष्प्यावः | पुष्प्यामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: पुष्प्यति · लिट्: पुपुष्प · लुट्: पुष्पिता · लृट्: पुष्पिष्यति · लोट्: पुष्प्यतात् · लङ्: अपुष्प्यत् · विधिलिङ्: पुष्प्येत् · आशीर्लिङ्: पुष्प्यात् · लुङ्: अपुष्पीत् · लृङ्: अपुष्पिष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: पुष्पण · ण्वुल्: पुष्पकः · तृच्: पुष्पिता · ण्यत्: पुष्प्यः · तव्य: पुष्पितव्यः · अनीयर्: पुष्पणीयः · क्त: पुष्पितः · क्तवतु: पुष्पितवान् · शतृ: पुष्प्यन् · स्य-शतृ: पुष्पिष्यन् · क्त्वा: पुष्पित्वा · ल्यप्: प्रपुष्प्य · तुमुन्: पुष्पितुम् · णमुल्: पुष्पम् · घञ्: पुष्पः · क्तिन्: पुष्प्ति · क्वसु: पुपुष्प्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| पुष्प्यति | पुष्प् धातु (दिवादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: पुष्प्यत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: पुष्प् + शतृ | पुष्प्यता (स्त्री.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: पुष्प् + ण्यत् · तद्धित: पुष्प्य + तल् (भाववाचक) |
पुष्प्यति ➤ पुष्पयुक्त होना, फूलना, विकसित होना
संस्कृत: विकसने
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड