२२००+ धातुओं के दसों लकारों के रूप, कर्मणि-भावे प्रयोग व कृदन्त — धातु, क्रिया-रूप (गच्छति, अकरोत् ) या अर्थ (जाना, read ) से खोजें
पुष्प् (पुष्पँ)
दिवादिगण · परस्मैपदी · धातुपाठ 04.0016
धात्वर्थ: विकसने — पुष्पयुक्त होना, फूलना, विकसित होना (to blossom, to flourish, to flower)
कर्तरि — परस्मैपद कर्मणि / भावे कृदन्त
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम पुष्प्यति पुष्प्यतः पुष्प्यन्ति मध्यम पुष्प्यसि पुष्प्यथः पुष्प्यथ उत्तम पुष्प्यामि पुष्प्यावः पुष्प्यामः
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम पुष्प्यतात् / पुष्प्यताद् / पुष्प्यतु पुष्प्यताम् पुष्प्यन्तु मध्यम पुष्प्य / पुष्प्यतात् / पुष्प्यताद् पुष्प्यतम् पुष्प्यत उत्तम पुष्प्याणि पुष्प्याव पुष्प्याम
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अपुष्प्यत् / अपुष्प्यद् अपुष्प्यताम् अपुष्प्यन् मध्यम अपुष्प्यः अपुष्प्यतम् अपुष्प्यत उत्तम अपुष्प्यम् अपुष्प्याव अपुष्प्याम
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम पुष्प्येत् / पुष्प्येद् पुष्प्येताम् पुष्प्येयुः मध्यम पुष्प्येः पुष्प्येतम् पुष्प्येत उत्तम पुष्प्येयम् पुष्प्येव पुष्प्येम
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम पुष्पिष्यति पुष्पिष्यतः पुष्पिष्यन्ति मध्यम पुष्पिष्यसि पुष्पिष्यथः पुष्पिष्यथ उत्तम पुष्पिष्यामि पुष्पिष्यावः पुष्पिष्यामः
लुट् लकार अनद्यतन भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम पुष्पिता पुष्पितारौ पुष्पितारः मध्यम पुष्पितासि पुष्पितास्थः पुष्पितास्थ उत्तम पुष्पितास्मि पुष्पितास्वः पुष्पितास्मः
लिट् लकार परोक्ष भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम पुपुष्प पुपुष्पतुः पुपुष्पुः मध्यम पुपुष्पिथ पुपुष्पथुः पुपुष्प उत्तम पुपुष्प पुपुष्पिव पुपुष्पिम
लुङ् लकार सामान्य भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अपुष्पीत् / अपुष्पीद् अपुष्पिष्टाम् अपुष्पिषुः मध्यम अपुष्पीः अपुष्पिष्टम् अपुष्पिष्ट उत्तम अपुष्पिषम् अपुष्पिष्व अपुष्पिष्म
आशीर्लिङ् लकार आशीर्वाद
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम पुष्प्यात् / पुष्प्याद् पुष्प्यास्ताम् पुष्प्यासुः मध्यम पुष्प्याः पुष्प्यास्तम् पुष्प्यास्त उत्तम पुष्प्यासम् पुष्प्यास्व पुष्प्यास्म
लृङ् लकार क्रियातिपत्ति (हेतुहेतुमद्भूत)
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अपुष्पिष्यत् / अपुष्पिष्यद् अपुष्पिष्यताम् अपुष्पिष्यन् मध्यम अपुष्पिष्यः अपुष्पिष्यतम् अपुष्पिष्यत उत्तम अपुष्पिष्यम् अपुष्पिष्याव अपुष्पिष्याम
कर्मणि प्रयोग में क्रिया कर्म के अनुसार (सकर्मक धातु), भावे प्रयोग में सदा प्रथम पुरुष एकवचन (अकर्मक धातु) — आत्मनेपद के प्रत्यय।
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम पुष्प्यते पुष्प्येते पुष्प्यन्ते मध्यम पुष्प्यसे पुष्प्येथे पुष्प्यध्वे उत्तम पुष्प्ये पुष्प्यावहे पुष्प्यामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम पुष्प्यताम् पुष्प्येताम् पुष्प्यन्ताम् मध्यम पुष्प्यस्व पुष्प्येथाम् पुष्प्यध्वम् उत्तम पुष्प्यै पुष्प्यावहै पुष्प्यामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अपुष्प्यत अपुष्प्येताम् अपुष्प्यन्त मध्यम अपुष्प्यथाः अपुष्प्येथाम् अपुष्प्यध्वम् उत्तम अपुष्प्ये अपुष्प्यावहि अपुष्प्यामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम पुष्प्येत पुष्प्येयाताम् पुष्प्येरन् मध्यम पुष्प्येथाः पुष्प्येयाथाम् पुष्प्येध्वम् उत्तम पुष्प्येय पुष्प्येवहि पुष्प्येमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम पुष्पिष्यते पुष्पिष्येते पुष्पिष्यन्ते मध्यम पुष्पिष्यसे पुष्पिष्येथे पुष्पिष्यध्वे उत्तम पुष्पिष्ये पुष्पिष्यावहे पुष्पिष्यामहे
प्रत्यय प्रयोग / अर्थ प्रातिपदिक / अव्यय पुंलिङ्ग स्त्रीलिङ्ग नपुंसकलिङ्ग
ल्युट् भाववाचक/करणवाचक कृदन्त पुष्पण — — पुष्पणम्
ण्वुल् कर्तृवाचक कृदन्त पुष्पक पुष्पकः पुष्पिका पुष्पकम्
तृच् कर्तृवाचक कृदन्त पुष्पितृ पुष्पिता पुष्पित्री पुष्पितृ
ण्यत् विध्यर्थक कृदन्त पुष्प्य पुष्प्यः पुष्प्या पुष्प्यम्
तव्य विध्यर्थक कृदन्त (करना चाहिए) पुष्पितव्य पुष्पितव्यः पुष्पितव्या पुष्पितव्यम्
अनीयर् विध्यर्थक कृदन्त पुष्पणीय पुष्पणीयः पुष्पणीया पुष्पणीयम्
क्त भूतकालिक कर्मणि कृदन्त (निष्ठा) पुष्पित पुष्पितः पुष्पिता पुष्पितम्
क्तवतु भूतकालिक कर्तरि कृदन्त (निष्ठा) पुष्पितवत् पुष्पितवान् पुष्पितवती पुष्पितवत् / पुष्पितवद्
शतृ वर्तमानकालिक कृदन्त (परस्मैपद) पुष्प्यत् पुष्प्यन् पुष्प्यन्ती पुष्प्यत् / पुष्प्यद्
स्य-शतृ भविष्यत्कालिक कृदन्त पुष्पिष्यत् पुष्पिष्यन् पुष्पिष्यती / पुष्पिष्यन्ती पुष्पिष्यत् / पुष्पिष्यद्
क्त्वा पूर्वकालिक अव्यय (करके) पुष्पित्वा — — —
ल्यप् पूर्वकालिक अव्यय, उपसर्ग-सहित (करके) प्रपुष्प्य — — —
तुमुन् निमित्तार्थक अव्यय (करने के लिए) पुष्पितुम् — — —
णमुल् पूर्वकालिक/आभीक्ष्ण्य अव्यय पुष्पम् — — —
घञ् भाववाचक कृदन्त पुष्प पुष्पः — —
क्तिन् भाववाचक स्त्रीलिङ्ग कृदन्त पुष्प्ति — पुष्प्तिः —
क्वसु भूतकालिक (लिट्) कृदन्त पुपुष्प्वस् पुपुष्प्वान् पुपुष्पुषी पुपुष्प्वत् / पुपुष्प्वद्
इन कृदन्त-प्रातिपदिकों के सम्पूर्ण विभक्ति-रूप शब्द-रूपावली में देखें (जैसे क्त — भूत → पुंलिङ्ग "राम" के समान)।