॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: तृप्त करना, संतुष्ट करना
संस्कृत: प्रीतौ
अंग्रेज़ी: to satisfy, to please
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | पृणोति | पृणुतः | पृण्वन्ति |
| मध्यम | पृणोषि | पृणुथः | पृणुथ |
| उत्तम | पृणोमि | पृणुवः / पृण्वः | पृणुमः / पृण्मः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: पृणोति · लिट्: पपार · लुट्: पर्ता · लृट्: परिष्यति · लोट्: पृणुतात् · लङ्: अपृणोत् · विधिलिङ्: पृणुयात् · आशीर्लिङ्: प्रियात् · लुङ्: अपार्षीत् · लृङ्: अपरिष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: परण · ण्वुल्: पारकः · तृच्: पर्ता · ण्यत्: पार्यः · तव्य: पर्तव्यः · अनीयर्: परणीयः · क्त: पृतः · क्तवतु: पृतवान् · शतृ: पृण्वन् · स्य-शतृ: परिष्यन् · क्त्वा: पृत्वा · ल्यप्: प्रपृत्य · तुमुन्: पर्तुम् · णमुल्: पारम् · घञ्: पारः · क्तिन्: पृति · क्वसु: पपृवान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| पृणोति | पृ धातु (स्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन |
पृणोति ➤ तृप्त करना, संतुष्ट करना
संस्कृत: प्रीतौ
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.३ सेकण्ड