॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: हिन्दी अर्थ उपलब्ध नहीं
संस्कृत: सेवने
अंग्रेज़ी: to serve, to devote oneself, practise
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, आत्मनेपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | प्लेबते | प्लेबेते | प्लेबन्ते |
| मध्यम | प्लेबसे | प्लेबेथे | प्लेबध्वे |
| उत्तम | प्लेबे | प्लेबावहे | प्लेबामहे |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट् (आत्मने.): प्लेबते · लिट् (आत्मने.): पिप्लेबे · लुट् (आत्मने.): प्लेबिता · लृट् (आत्मने.): प्लेबिष्यते · लोट् (आत्मने.): प्लेबताम् · लङ् (आत्मने.): अप्लेबत · विधिलिङ् (आत्मने.): प्लेबेत · आशीर्लिङ् (आत्मने.): प्लेबिषीष्ट · लुङ् (आत्मने.): अप्लेबिष्ट · लृङ् (आत्मने.): अप्लेबिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: प्लेबन · ण्वुल्: प्लेबकः · तृच्: प्लेबिता · ण्यत्: प्लेब्यः · तव्य: प्लेबितव्यः · अनीयर्: प्लेबनीयः · क्त: प्लेबितः · क्तवतु: प्लेबितवान् · शानच्: प्लेबमानः · क्त्वा: प्लेबित्वा · ल्यप्: प्रप्लेब्य · तुमुन्: प्लेबितुम् · णमुल्: प्लेबम् · घञ्: प्लेबः · क्तिन्: प्लेप्ति · क्वसु: पिप्लेब्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| प्लेबते | प्लेब् धातु (भ्वादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: प्लेबता (स्त्री.) — चतुर्थी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: प्लेब् + घञ् · तद्धित: प्लेब + तल् (भाववाचक) | प्लेबता (स्त्री.) — सम्बोधन, एकवचन · कृदन्त: प्लेब् + घञ् · तद्धित: प्लेब + तल् (भाववाचक) |
प्लेबते ➤ to serve, to devote oneself, practise (अंग्रेज़ी कोश)
संस्कृत: सेवने
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड