२२००+ धातुओं के दसों लकारों के रूप, कर्मणि-भावे प्रयोग व कृदन्त — धातु, क्रिया-रूप (गच्छति, अकरोत् ) या अर्थ (जाना, read ) से खोजें
प्लेब् (प्लेबृँ)
भ्वादिगण · आत्मनेपदी · धातुपाठ 01.0209
धात्वर्थ: सेवने (to serve, to devote oneself, practise)
कर्तरि — आत्मनेपद कर्मणि / भावे कृदन्त
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम प्लेबते प्लेबेते प्लेबन्ते मध्यम प्लेबसे प्लेबेथे प्लेबध्वे उत्तम प्लेबे प्लेबावहे प्लेबामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम प्लेबताम् प्लेबेताम् प्लेबन्ताम् मध्यम प्लेबस्व प्लेबेथाम् प्लेबध्वम् उत्तम प्लेबै प्लेबावहै प्लेबामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अप्लेबत अप्लेबेताम् अप्लेबन्त मध्यम अप्लेबथाः अप्लेबेथाम् अप्लेबध्वम् उत्तम अप्लेबे अप्लेबावहि अप्लेबामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम प्लेबेत प्लेबेयाताम् प्लेबेरन् मध्यम प्लेबेथाः प्लेबेयाथाम् प्लेबेध्वम् उत्तम प्लेबेय प्लेबेवहि प्लेबेमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम प्लेबिष्यते प्लेबिष्येते प्लेबिष्यन्ते मध्यम प्लेबिष्यसे प्लेबिष्येथे प्लेबिष्यध्वे उत्तम प्लेबिष्ये प्लेबिष्यावहे प्लेबिष्यामहे
लुट् लकार अनद्यतन भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम प्लेबिता प्लेबितारौ प्लेबितारः मध्यम प्लेबितासे प्लेबितासाथे प्लेबिताध्वे उत्तम प्लेबिताहे प्लेबितास्वहे प्लेबितास्महे
लिट् लकार परोक्ष भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम पिप्लेबे पिप्लेबाते पिप्लेबिरे मध्यम पिप्लेबिषे पिप्लेबाथे पिप्लेबिध्वे उत्तम पिप्लेबे पिप्लेबिवहे पिप्लेबिमहे
लुङ् लकार सामान्य भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अप्लेबिष्ट अप्लेबिषाताम् अप्लेबिषत मध्यम अप्लेबिष्ठाः अप्लेबिषाथाम् अप्लेबिध्वम् उत्तम अप्लेबिषि अप्लेबिष्वहि अप्लेबिष्महि
आशीर्लिङ् लकार आशीर्वाद
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम प्लेबिषीष्ट प्लेबिषीयास्ताम् प्लेबिषीरन् मध्यम प्लेबिषीष्ठाः प्लेबिषीयास्थाम् प्लेबिषीध्वम् उत्तम प्लेबिषीय प्लेबिषीवहि प्लेबिषीमहि
लृङ् लकार क्रियातिपत्ति (हेतुहेतुमद्भूत)
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अप्लेबिष्यत अप्लेबिष्येताम् अप्लेबिष्यन्त मध्यम अप्लेबिष्यथाः अप्लेबिष्येथाम् अप्लेबिष्यध्वम् उत्तम अप्लेबिष्ये अप्लेबिष्यावहि अप्लेबिष्यामहि
कर्मणि प्रयोग में क्रिया कर्म के अनुसार (सकर्मक धातु), भावे प्रयोग में सदा प्रथम पुरुष एकवचन (अकर्मक धातु) — आत्मनेपद के प्रत्यय।
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम प्लेब्यते प्लेब्येते प्लेब्यन्ते मध्यम प्लेब्यसे प्लेब्येथे प्लेब्यध्वे उत्तम प्लेब्ये प्लेब्यावहे प्लेब्यामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम प्लेब्यताम् प्लेब्येताम् प्लेब्यन्ताम् मध्यम प्लेब्यस्व प्लेब्येथाम् प्लेब्यध्वम् उत्तम प्लेब्यै प्लेब्यावहै प्लेब्यामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अप्लेब्यत अप्लेब्येताम् अप्लेब्यन्त मध्यम अप्लेब्यथाः अप्लेब्येथाम् अप्लेब्यध्वम् उत्तम अप्लेब्ये अप्लेब्यावहि अप्लेब्यामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम प्लेब्येत प्लेब्येयाताम् प्लेब्येरन् मध्यम प्लेब्येथाः प्लेब्येयाथाम् प्लेब्येध्वम् उत्तम प्लेब्येय प्लेब्येवहि प्लेब्येमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम प्लेबिष्यते प्लेबिष्येते प्लेबिष्यन्ते मध्यम प्लेबिष्यसे प्लेबिष्येथे प्लेबिष्यध्वे उत्तम प्लेबिष्ये प्लेबिष्यावहे प्लेबिष्यामहे
प्रत्यय प्रयोग / अर्थ प्रातिपदिक / अव्यय पुंलिङ्ग स्त्रीलिङ्ग नपुंसकलिङ्ग
ल्युट् भाववाचक/करणवाचक कृदन्त प्लेबन — — प्लेबनम्
ण्वुल् कर्तृवाचक कृदन्त प्लेबक प्लेबकः प्लेबिका प्लेबकम्
तृच् कर्तृवाचक कृदन्त प्लेबितृ प्लेबिता प्लेबित्री प्लेबितृ
ण्यत् विध्यर्थक कृदन्त प्लेब्य प्लेब्यः प्लेब्या प्लेब्यम्
तव्य विध्यर्थक कृदन्त (करना चाहिए) प्लेबितव्य प्लेबितव्यः प्लेबितव्या प्लेबितव्यम्
अनीयर् विध्यर्थक कृदन्त प्लेबनीय प्लेबनीयः प्लेबनीया प्लेबनीयम्
क्त भूतकालिक कर्मणि कृदन्त (निष्ठा) प्लेबित प्लेबितः प्लेबिता प्लेबितम्
क्तवतु भूतकालिक कर्तरि कृदन्त (निष्ठा) प्लेबितवत् प्लेबितवान् प्लेबितवती प्लेबितवत् / प्लेबितवद्
शानच् वर्तमानकालिक कृदन्त (आत्मनेपद) प्लेबमान प्लेबमानः प्लेबमाना प्लेबमानम्
क्त्वा पूर्वकालिक अव्यय (करके) प्लेबित्वा — — —
ल्यप् पूर्वकालिक अव्यय, उपसर्ग-सहित (करके) प्रप्लेब्य — — —
तुमुन् निमित्तार्थक अव्यय (करने के लिए) प्लेबितुम् — — —
णमुल् पूर्वकालिक/आभीक्ष्ण्य अव्यय प्लेबम् — — —
घञ् भाववाचक कृदन्त प्लेब प्लेबः — —
क्तिन् भाववाचक स्त्रीलिङ्ग कृदन्त प्लेप्ति — प्लेप्तिः —
क्वसु भूतकालिक (लिट्) कृदन्त पिप्लेब्वस् पिप्लेब्वान् पिप्लेबुषी पिप्लेब्वत् / पिप्लेब्वद्
इन कृदन्त-प्रातिपदिकों के सम्पूर्ण विभक्ति-रूप शब्द-रूपावली में देखें (जैसे क्त — भूत → पुंलिङ्ग "राम" के समान)।