॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: जाना, तेजोहीन करना
संस्कृत: गतिदीप्त्योः
अंग्रेज़ी: to go,to take away charm
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | फणति | फणतः | फणन्ति |
| मध्यम | फणसि | फणथः | फणथ |
| उत्तम | फणामि | फणावः | फणामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: फणति · लिट्: पफाण · लुट्: फणिता · लृट्: फणिष्यति · लोट्: फणतात् · लङ्: अफणत् · विधिलिङ्: फणेत् · आशीर्लिङ्: फण्यात् · लुङ्: अफणीत् · लृङ्: अफणिष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: फणन · ण्वुल्: फाणकः · तृच्: फणिता · ण्यत्: फाण्यः · तव्य: फणितव्यः · अनीयर्: फणनीयः · क्त: फणितः · क्तवतु: फणितवान् · शतृ: फणन् · स्य-शतृ: फणिष्यन् · क्त्वा: फणित्वा · ल्यप्: प्रफण्य · तुमुन्: फणितुम् · णमुल्: फाणम् · घञ्: फाणः · क्तिन्: फाण्टि · क्वसु: फेणिवान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| फणति | फण् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: फणता (स्त्री.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · तद्धित: फण + तल् (भाववाचक) | फणत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: फण् + शतृ |
फणति ➤ जाना, तेजोहीन करना
संस्कृत: गतिदीप्त्योः
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड