॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: हिन्दी अर्थ उपलब्ध नहीं
संस्कृत: संयमने
अंग्रेज़ी: to bind,to restrain,to control
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | बन्धयति | बन्धयतः | बन्धयन्ति |
| मध्यम | बन्धयसि | बन्धयथः | बन्धयथ |
| उत्तम | बन्धयामि | बन्धयावः | बन्धयामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: बन्धयति · लट् (आत्मने.): बन्धयते · लिट्: बन्धयाञ्चकार · लिट् (आत्मने.): बन्धयाञ्चक्रे · लुट्: बन्धयिता · लुट् (आत्मने.): बन्धयिता · लृट्: बन्धयिष्यति · लृट् (आत्मने.): बन्धयिष्यते · लोट्: बन्धयतात् · लोट् (आत्मने.): बन्धयताम् · लङ्: अबन्धयत् · लङ् (आत्मने.): अबन्धयत · विधिलिङ्: बन्धयेत् · विधिलिङ् (आत्मने.): बन्धयेत · आशीर्लिङ्: बन्ध्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): बन्धयिषीष्ट · लुङ्: अबबन्धत् · लुङ् (आत्मने.): अबबन्धत · लृङ्: अबन्धयिष्यत् · लृङ् (आत्मने.): अबन्धयिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: बन्धन · ण्वुल्: बन्धकः · तृच्: बन्धयिता · यत्: बन्ध्यः · तव्य: बन्धयितव्यः · अनीयर्: बन्धनीयः · क्त: बन्धितः · क्तवतु: बन्धितवान् · शतृ: बन्धयन् · स्य-शतृ: बन्धयिष्यन् · शानच्: बन्धयमानः · क्त्वा: बन्धयित्वा · ल्यप्: प्रबन्ध्य · तुमुन्: बन्धयितुम् · णमुल्: बन्धम् · क्तिन्: बन्धि · क्वसु: बन्धयाम्बभूवान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| बन्धयति | बन्ध् धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: बन्ध् धातु (क्र्यादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन · णिजन्त (प्रेरणार्थक) | बन्ध् धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन · णिजन्त (प्रेरणार्थक) |
बन्धयति ➤ to bind,to restrain,to control (अंग्रेज़ी कोश)
संस्कृत: संयमने
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड