🕉️ 28 October 2026, Wednesday · 07:40:18 PM · CDSHARMA.IN

🕉️ श्लोकार्थ-बोधिनी

॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण

मार्जयतु

लम्बा गद्य (४००० अक्षर तक) भी लिख सकते हैं — वाक्य-वार विश्लेषण होगा। एक शब्द लिखने पर उसका अर्थ, सभी सम्भावित रूप, और पूरी शब्दरूप/धातुरूप तालिका दिखेगी।

🔎 पहचाना गया: एक शब्द

🔔 मूलशब्दः

बुन्दति

🌸 पदच्छेदः स्वचालित

बुन्दति

"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद

📖 शब्दकोशः — शब्द का पूर्ण परिचय कोश-आधारित

बुन्दति

अर्थ: जानना, समझना, सूक्ष्मदृष्टि से जानना

संस्कृत: निशामने

अंग्रेज़ी: to perceive,to apprehend, to comprehend, to understand with keen senses

सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):

  1. बुन्द् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
  2. बुन्दता (स्त्री.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · तद्धित: बुन्द + तल् (भाववाचक)
  3. बुन्दत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: बुन्द् + शतृ
  4. बुन्दत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: बुन्द् + शतृ

  📘 धातु-रूपावली में सभी लकार

धातुरूप — बुन्द् (भ्वादिगण) · अर्थ: जानना, समझना, सूक्ष्मदृष्टि से जानना (निशामने)

लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमबुन्दतिबुन्दतःबुन्दन्ति
मध्यमबुन्दसिबुन्दथःबुन्दथ
उत्तमबुन्दामिबुन्दावःबुन्दामः

दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: बुन्दति · लट् (आत्मने.): बुन्दते · लिट्: बुबुन्द · लिट् (आत्मने.): बुबुन्दे · लुट्: बुन्दिता · लुट् (आत्मने.): बुन्दिता · लृट्: बुन्दिष्यति · लृट् (आत्मने.): बुन्दिष्यते · लोट्: बुन्दतात् · लोट् (आत्मने.): बुन्दताम् · लङ्: अबुन्दत् · लङ् (आत्मने.): अबुन्दत · विधिलिङ्: बुन्देत् · विधिलिङ् (आत्मने.): बुन्देत · आशीर्लिङ्: बुद्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): बुन्दिषीष्ट · लुङ्: अबुदत् · लुङ् (आत्मने.): अबुन्दिष्ट · लृङ्: अबुन्दिष्यत् · लृङ् (आत्मने.): अबुन्दिष्यत

प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: बुन्दन · ण्वुल्: बुन्दकः · तृच्: बुन्दिता · ण्यत्: बुन्द्यः · तव्य: बुन्दितव्यः · अनीयर्: बुन्दनीयः · क्त: बुन्नः · क्तवतु: बुन्नवान् · शतृ: बुन्दन् · स्य-शतृ: बुन्दिष्यन् · शानच्: बुन्दमानः · क्त्वा: बुत्त्वा · ल्यप्: प्रबुद्य · तुमुन्: बुन्दितुम् · णमुल्: बुन्दम् · घञ्: बुन्दः · क्तिन्: बुत्ति · क्वसु: बुबुद्वान्

🌹 पदपरिचयः स्वचालित

पदम्विवरणम्
बुन्दतिबुन्द् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
अन्य सम्भावना: बुन्दता (स्त्री.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · तद्धित: बुन्द + तल् (भाववाचक) | बुन्दत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: बुन्द् + शतृ

🌷 पदार्थः कोश-आधारित

बुन्दति ➤ जानना, समझना, सूक्ष्मदृष्टि से जानना
संस्कृत: निशामने

📚 अमरकोश-सम्बन्धः अमरकोश

इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।

⚙️ व्याकरणम् स्वचालित

❖ सन्धिः

इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।

❖ समासः

कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।

❖ कृदन्तः

कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।

❖ तद्धितान्तः

कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।

विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड

⚑ कोई विश्लेषण गलत लगा? सूचित करें — इससे साधन सुधरता है
यह साधन कैसे काम करता है: सब कुछ इसी वेबसाइट के सर्वर पर होता है — कोई बाहरी API/AI नहीं, आपका श्लोक कहीं भेजा या सहेजा नहीं जाता। पदच्छेद पाणिनीय सन्धि-नियमों के उल्टे प्रयोग से, पदपरिचय लगभग ७.५ लाख शब्द-रूपों व १.२ लाख प्रातिपदिकों के कोश से, अर्थ आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश व अमरकोश से, और अन्वय विभक्ति-क्रम के नियमों से बनता है। स्वचालित होने से कहीं-कहीं विकल्प गलत चुना जा सकता है (हर पद के "अन्य सम्भावना" देखें); श्रीमद्भागवत के श्लोकों पर साइट की जाँची हुई टीका दिखती है।
शब्द-डेटा साभार: ashtadhyayi.com (शब्दरूप, धातुरूप, आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश, अमरकोश) · सूत्र-लिंक: लघुसिद्धान्तकौमुदी।
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