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🕉️ श्लोकार्थ-बोधिनी

॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण

मार्जयतु

लम्बा गद्य (४००० अक्षर तक) भी लिख सकते हैं — वाक्य-वार विश्लेषण होगा। एक शब्द लिखने पर उसका अर्थ, सभी सम्भावित रूप, और पूरी शब्दरूप/धातुरूप तालिका दिखेगी।

🔎 पहचाना गया: एक शब्द

🔔 मूलशब्दः

भजति

🌸 पदच्छेदः स्वचालित

भजति

"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद

📖 शब्दकोशः — शब्द का पूर्ण परिचय कोश-आधारित

भजति

अर्थ: भजना, भजन करना

संस्कृत: सेवायाम्

अंग्रेज़ी: to worship,to honour,to pray, to serve

सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):

  1. भज् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
  2. भजत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: भज् + शतृ
  3. भजत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: भज् + शतृ
  4. भजता (स्त्री.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: भज् + अच् · तद्धित: भज + तल् (भाववाचक)

  📘 धातु-रूपावली में सभी लकार

धातुरूप — भज् (भ्वादिगण) · अर्थ: भजना, भजन करना (सेवायाम्)

लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमभजतिभजतःभजन्ति
मध्यमभजसिभजथःभजथ
उत्तमभजामिभजावःभजामः

दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: भजति · लट् (आत्मने.): भजते · लिट्: बभाज · लिट् (आत्मने.): भेजे · लुट्: भक्ता · लुट् (आत्मने.): भक्ता · लृट्: भक्ष्यति · लृट् (आत्मने.): भक्ष्यते · लोट्: भजतात् · लोट् (आत्मने.): भजताम् · लङ्: अभजत् · लङ् (आत्मने.): अभजत · विधिलिङ्: भजेत् · विधिलिङ् (आत्मने.): भजेत · आशीर्लिङ्: भज्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): भक्षीष्ट · लुङ्: अभाक्षीत् · लुङ् (आत्मने.): अभक्त · लृङ्: अभक्ष्यत् · लृङ् (आत्मने.): अभक्ष्यत

प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: भजन · ण्वुल्: भाजकः · तृच्: भक्ता · ण्यत्: भाज्यः · तव्य: भक्तव्यः · अनीयर्: भजनीयः · क्त: भक्तः · क्तवतु: भक्तवान् · शतृ: भजन् · स्य-शतृ: भक्ष्यन् · शानच्: भजमानः · क्त्वा: भक्त्वा · ल्यप्: प्रभज्य · तुमुन्: भक्तुम् · णमुल्: भाजम् · घञ्: भागः · क्तिन्: भक्ति · क्वसु: भेजिवान्

🌹 पदपरिचयः स्वचालित

पदम्विवरणम्
भजतिभज् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
अन्य सम्भावना: भजत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: भज् + शतृ | भजत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: भज् + शतृ

🌷 पदार्थः कोश-आधारित

भजति ➤ भजना, भजन करना
संस्कृत: सेवायाम्

📚 अमरकोश-सम्बन्धः अमरकोश

इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।

⚙️ व्याकरणम् स्वचालित

❖ सन्धिः

इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।

❖ समासः

कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।

❖ कृदन्तः

कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।

❖ तद्धितान्तः

कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।

विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड

⚑ कोई विश्लेषण गलत लगा? सूचित करें — इससे साधन सुधरता है
यह साधन कैसे काम करता है: सब कुछ इसी वेबसाइट के सर्वर पर होता है — कोई बाहरी API/AI नहीं, आपका श्लोक कहीं भेजा या सहेजा नहीं जाता। पदच्छेद पाणिनीय सन्धि-नियमों के उल्टे प्रयोग से, पदपरिचय लगभग ७.५ लाख शब्द-रूपों व १.२ लाख प्रातिपदिकों के कोश से, अर्थ आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश व अमरकोश से, और अन्वय विभक्ति-क्रम के नियमों से बनता है। स्वचालित होने से कहीं-कहीं विकल्प गलत चुना जा सकता है (हर पद के "अन्य सम्भावना" देखें); श्रीमद्भागवत के श्लोकों पर साइट की जाँची हुई टीका दिखती है।
शब्द-डेटा साभार: ashtadhyayi.com (शब्दरूप, धातुरूप, आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश, अमरकोश) · सूत्र-लिंक: लघुसिद्धान्तकौमुदी।
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