२२००+ धातुओं के दसों लकारों के रूप, कर्मणि-भावे प्रयोग व कृदन्त — धातु, क्रिया-रूप (गच्छति, अकरोत् ) या अर्थ (जाना, read ) से खोजें
भज् (भजँ)
भ्वादिगण · उभयपदी · धातुपाठ 01.1153
धात्वर्थ: सेवायाम् — भजना, भजन करना (to worship,to honour,to pray, to serve)
कर्तरि — परस्मैपद कर्तरि — आत्मनेपद कर्मणि / भावे कृदन्त
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम भजति भजतः भजन्ति मध्यम भजसि भजथः भजथ उत्तम भजामि भजावः भजामः
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम भजतात् / भजताद् / भजतु भजताम् भजन्तु मध्यम भज / भजतात् / भजताद् भजतम् भजत उत्तम भजानि भजाव भजाम
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अभजत् / अभजद् अभजताम् अभजन् मध्यम अभजः अभजतम् अभजत उत्तम अभजम् अभजाव अभजाम
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम भजेत् / भजेद् भजेताम् भजेयुः मध्यम भजेः भजेतम् भजेत उत्तम भजेयम् भजेव भजेम
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम भक्ष्यति भक्ष्यतः भक्ष्यन्ति मध्यम भक्ष्यसि भक्ष्यथः भक्ष्यथ उत्तम भक्ष्यामि भक्ष्यावः भक्ष्यामः
लुट् लकार अनद्यतन भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम भक्ता भक्तारौ भक्तारः मध्यम भक्तासि भक्तास्थः भक्तास्थ उत्तम भक्तास्मि भक्तास्वः भक्तास्मः
लिट् लकार परोक्ष भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम बभाज भेजतुः भेजुः मध्यम बभक्थ / भेजिथ भेजथुः भेज उत्तम बभज / बभाज भेजिव भेजिम
लुङ् लकार सामान्य भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अभाक्षीत् / अभाक्षीद् अभाक्ताम् अभाक्षुः मध्यम अभाक्षीः अभाक्तम् अभाक्त उत्तम अभाक्षम् अभाक्ष्व अभाक्ष्म
आशीर्लिङ् लकार आशीर्वाद
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम भज्यात् / भज्याद् भज्यास्ताम् भज्यासुः मध्यम भज्याः भज्यास्तम् भज्यास्त उत्तम भज्यासम् भज्यास्व भज्यास्म
लृङ् लकार क्रियातिपत्ति (हेतुहेतुमद्भूत)
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अभक्ष्यत् / अभक्ष्यद् अभक्ष्यताम् अभक्ष्यन् मध्यम अभक्ष्यः अभक्ष्यतम् अभक्ष्यत उत्तम अभक्ष्यम् अभक्ष्याव अभक्ष्याम
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम भजते भजेते भजन्ते मध्यम भजसे भजेथे भजध्वे उत्तम भजे भजावहे भजामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम भजताम् भजेताम् भजन्ताम् मध्यम भजस्व भजेथाम् भजध्वम् उत्तम भजै भजावहै भजामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अभजत अभजेताम् अभजन्त मध्यम अभजथाः अभजेथाम् अभजध्वम् उत्तम अभजे अभजावहि अभजामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम भजेत भजेयाताम् भजेरन् मध्यम भजेथाः भजेयाथाम् भजेध्वम् उत्तम भजेय भजेवहि भजेमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम भक्ष्यते भक्ष्येते भक्ष्यन्ते मध्यम भक्ष्यसे भक्ष्येथे भक्ष्यध्वे उत्तम भक्ष्ये भक्ष्यावहे भक्ष्यामहे
लुट् लकार अनद्यतन भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम भक्ता भक्तारौ भक्तारः मध्यम भक्तासे भक्तासाथे भक्ताध्वे उत्तम भक्ताहे भक्तास्वहे भक्तास्महे
लिट् लकार परोक्ष भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम भेजे भेजाते भेजिरे मध्यम भेजिषे भेजाथे भेजिध्वे उत्तम भेजे भेजिवहे भेजिमहे
लुङ् लकार सामान्य भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अभक्त अभक्षाताम् अभक्षत मध्यम अभक्थाः अभक्षाथाम् अभग्ध्वम् उत्तम अभक्षि अभक्ष्वहि अभक्ष्महि
आशीर्लिङ् लकार आशीर्वाद
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम भक्षीष्ट भक्षीयास्ताम् भक्षीरन् मध्यम भक्षीष्ठाः भक्षीयास्थाम् भक्षीध्वम् उत्तम भक्षीय भक्षीवहि भक्षीमहि
लृङ् लकार क्रियातिपत्ति (हेतुहेतुमद्भूत)
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अभक्ष्यत अभक्ष्येताम् अभक्ष्यन्त मध्यम अभक्ष्यथाः अभक्ष्येथाम् अभक्ष्यध्वम् उत्तम अभक्ष्ये अभक्ष्यावहि अभक्ष्यामहि
कर्मणि प्रयोग में क्रिया कर्म के अनुसार (सकर्मक धातु), भावे प्रयोग में सदा प्रथम पुरुष एकवचन (अकर्मक धातु) — आत्मनेपद के प्रत्यय।
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम भज्यते भज्येते भज्यन्ते मध्यम भज्यसे भज्येथे भज्यध्वे उत्तम भज्ये भज्यावहे भज्यामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम भज्यताम् भज्येताम् भज्यन्ताम् मध्यम भज्यस्व भज्येथाम् भज्यध्वम् उत्तम भज्यै भज्यावहै भज्यामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अभज्यत अभज्येताम् अभज्यन्त मध्यम अभज्यथाः अभज्येथाम् अभज्यध्वम् उत्तम अभज्ये अभज्यावहि अभज्यामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम भज्येत भज्येयाताम् भज्येरन् मध्यम भज्येथाः भज्येयाथाम् भज्येध्वम् उत्तम भज्येय भज्येवहि भज्येमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम भक्ष्यते भक्ष्येते भक्ष्यन्ते मध्यम भक्ष्यसे भक्ष्येथे भक्ष्यध्वे उत्तम भक्ष्ये भक्ष्यावहे भक्ष्यामहे
प्रत्यय प्रयोग / अर्थ प्रातिपदिक / अव्यय पुंलिङ्ग स्त्रीलिङ्ग नपुंसकलिङ्ग
ल्युट् भाववाचक/करणवाचक कृदन्त भजन — — भजनम्
ण्वुल् कर्तृवाचक कृदन्त भाजक भाजकः भाजिका भाजकम्
तृच् कर्तृवाचक कृदन्त भक्तृ भक्ता भक्त्री भक्तृ
ण्यत् विध्यर्थक कृदन्त भाज्य भाज्यः भाज्या भाज्यम्
तव्य विध्यर्थक कृदन्त (करना चाहिए) भक्तव्य भक्तव्यः भक्तव्या भक्तव्यम्
अनीयर् विध्यर्थक कृदन्त भजनीय भजनीयः भजनीया भजनीयम्
क्त भूतकालिक कर्मणि कृदन्त (निष्ठा) भक्त भक्तः भक्ता भक्तम्
क्तवतु भूतकालिक कर्तरि कृदन्त (निष्ठा) भक्तवत् भक्तवान् भक्तवती भक्तवत् / भक्तवद्
शतृ वर्तमानकालिक कृदन्त (परस्मैपद) भजत् भजन् भजन्ती भजत् / भजद्
स्य-शतृ भविष्यत्कालिक कृदन्त भक्ष्यत् भक्ष्यन् भक्ष्यती / भक्ष्यन्ती भक्ष्यत् / भक्ष्यद्
शानच् वर्तमानकालिक कृदन्त (आत्मनेपद) भजमान भजमानः भजमाना भजमानम्
क्त्वा पूर्वकालिक अव्यय (करके) भक्त्वा — — —
ल्यप् पूर्वकालिक अव्यय, उपसर्ग-सहित (करके) प्रभज्य — — —
तुमुन् निमित्तार्थक अव्यय (करने के लिए) भक्तुम् — — —
णमुल् पूर्वकालिक/आभीक्ष्ण्य अव्यय भाजम् — — —
घञ् भाववाचक कृदन्त भाग भागः — —
क्तिन् भाववाचक स्त्रीलिङ्ग कृदन्त भक्ति — भक्तिः —
क्वसु भूतकालिक (लिट्) कृदन्त भेजिवस् भेजिवान् भेजुषी भेजिवत् / भेजिवद्
इन कृदन्त-प्रातिपदिकों के सम्पूर्ण विभक्ति-रूप शब्द-रूपावली में देखें (जैसे क्त — भूत → पुंलिङ्ग "राम" के समान)।