🕉️ 28 October 2026, Wednesday · 06:22:15 PM · CDSHARMA.IN

🕉️ श्लोकार्थ-बोधिनी

॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण

मार्जयतु

लम्बा गद्य (४००० अक्षर तक) भी लिख सकते हैं — वाक्य-वार विश्लेषण होगा। एक शब्द लिखने पर उसका अर्थ, सभी सम्भावित रूप, और पूरी शब्दरूप/धातुरूप तालिका दिखेगी।

🔎 पहचाना गया: एक शब्द

🔔 मूलशब्दः

भुनक्ति

🌸 पदच्छेदः स्वचालित

भुनक्ति

"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद

📖 शब्दकोशः — शब्द का पूर्ण परिचय कोश-आधारित

भुनक्ति

अर्थ: संरक्षण करना, पालन करना, खाना, भक्षण करना

संस्कृत: पालनाभ्यवहारयोः

अंग्रेज़ी: to protect, to preserve, to eat, to consume

सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):

  1. भुज् धातु (रुधादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन

  📘 धातु-रूपावली में सभी लकार

धातुरूप — भुज् (रुधादिगण) · अर्थ: संरक्षण करना, पालन करना, खाना, भक्षण करना (पालनाभ्यवहारयोः)

लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमभुनक्तिभुङ्क्तःभुञ्जन्ति
मध्यमभुनक्षिभुङ्क्थःभुङ्क्थ
उत्तमभुनज्मिभुञ्ज्वःभुञ्ज्मः

दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: भुनक्ति · लट् (आत्मने.): भुङ्क्ते · लिट्: बुभोज · लिट् (आत्मने.): बुभुजे · लुट्: भोक्ता · लुट् (आत्मने.): भोक्ता · लृट्: भोक्ष्यति · लृट् (आत्मने.): भोक्ष्यते · लोट्: भुङ्क्तात् · लोट् (आत्मने.): भुङ्क्ताम् · लङ्: अभुनक् · लङ् (आत्मने.): अभुङ्क्त · विधिलिङ्: भुञ्ज्यात् · विधिलिङ् (आत्मने.): भुञ्जीत · आशीर्लिङ्: भुज्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): भुक्षीष्ट · लुङ्: अभौक्षीत् · लुङ् (आत्मने.): अभुक्त · लृङ्: अभोक्ष्यत् · लृङ् (आत्मने.): अभोक्ष्यत

प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: भोजन · ण्वुल्: भोजकः · तृच्: भोक्ता · ण्यत्: भोज्यः · तव्य: भोक्तव्यः · अनीयर्: भोजनीयः · क्त: भुक्तः · क्तवतु: भुक्तवान् · शतृ: भुञ्जन् · स्य-शतृ: भोक्ष्यन् · शानच्: भुञ्जानः · क्त्वा: भुक्त्वा · ल्यप्: प्रभुज्य · तुमुन्: भोक्तुम् · णमुल्: भोजम् · घञ्: भोगः · क्तिन्: भुक्ति · क्वसु: बुभुज्वान्

🌹 पदपरिचयः स्वचालित

पदम्विवरणम्
भुनक्तिभुज् धातु (रुधादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन

🌷 पदार्थः कोश-आधारित

भुनक्ति ➤ संरक्षण करना, पालन करना, खाना, भक्षण करना
संस्कृत: पालनाभ्यवहारयोः

📚 अमरकोश-सम्बन्धः अमरकोश

इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।

⚙️ व्याकरणम् स्वचालित

❖ सन्धिः

इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।

❖ समासः

कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।

❖ कृदन्तः

कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।

❖ तद्धितान्तः

कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।

विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड

⚑ कोई विश्लेषण गलत लगा? सूचित करें — इससे साधन सुधरता है
यह साधन कैसे काम करता है: सब कुछ इसी वेबसाइट के सर्वर पर होता है — कोई बाहरी API/AI नहीं, आपका श्लोक कहीं भेजा या सहेजा नहीं जाता। पदच्छेद पाणिनीय सन्धि-नियमों के उल्टे प्रयोग से, पदपरिचय लगभग ७.५ लाख शब्द-रूपों व १.२ लाख प्रातिपदिकों के कोश से, अर्थ आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश व अमरकोश से, और अन्वय विभक्ति-क्रम के नियमों से बनता है। स्वचालित होने से कहीं-कहीं विकल्प गलत चुना जा सकता है (हर पद के "अन्य सम्भावना" देखें); श्रीमद्भागवत के श्लोकों पर साइट की जाँची हुई टीका दिखती है।
शब्द-डेटा साभार: ashtadhyayi.com (शब्दरूप, धातुरूप, आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश, अमरकोश) · सूत्र-लिंक: लघुसिद्धान्तकौमुदी।
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