२२००+ धातुओं के दसों लकारों के रूप, कर्मणि-भावे प्रयोग व कृदन्त — धातु, क्रिया-रूप (गच्छति, अकरोत्) या अर्थ (जाना, read) से खोजें
भुज् (भुजँ)
रुधादिगण · परस्मैपदी · धातुपाठ 07.0017
धात्वर्थ: पालनाभ्यवहारयोः — संरक्षण करना, पालन करना, खाना, भक्षण करना (to protect, to preserve, to eat, to consume)
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
भुनक्ति
भुङ्क्तः
भुञ्जन्ति
मध्यम
भुनक्षि
भुङ्क्थः
भुङ्क्थ
उत्तम
भुनज्मि
भुञ्ज्वः
भुञ्ज्मः
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
भुङ्क्तात् / भुङ्क्ताद् / भुनक्तु
भुङ्क्ताम्
भुञ्जन्तु
मध्यम
भुङ्क्तात् / भुङ्क्ताद् / भुङ्ग्धि
भुङ्क्तम्
भुङ्क्त
उत्तम
भुनजानि
भुनजाव
भुनजाम
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
अभुनक् / अभुनग्
अभुङ्क्ताम्
अभुञ्जन्
मध्यम
अभुनक् / अभुनग्
अभुङ्क्तम्
अभुङ्क्त
उत्तम
अभुनजम्
अभुञ्ज्व
अभुञ्ज्म
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
भुञ्ज्यात् / भुञ्ज्याद्
भुञ्ज्याताम्
भुञ्ज्युः
मध्यम
भुञ्ज्याः
भुञ्ज्यातम्
भुञ्ज्यात
उत्तम
भुञ्ज्याम्
भुञ्ज्याव
भुञ्ज्याम
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
भोक्ष्यति
भोक्ष्यतः
भोक्ष्यन्ति
मध्यम
भोक्ष्यसि
भोक्ष्यथः
भोक्ष्यथ
उत्तम
भोक्ष्यामि
भोक्ष्यावः
भोक्ष्यामः
लुट् लकार अनद्यतन भविष्यत्
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
भोक्ता
भोक्तारौ
भोक्तारः
मध्यम
भोक्तासि
भोक्तास्थः
भोक्तास्थ
उत्तम
भोक्तास्मि
भोक्तास्वः
भोक्तास्मः
लिट् लकार परोक्ष भूतकाल
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
बुभोज
बुभुजतुः
बुभुजुः
मध्यम
बुभोजिथ
बुभुजथुः
बुभुज
उत्तम
बुभोज
बुभुजिव
बुभुजिम
लुङ् लकार सामान्य भूतकाल
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
अभौक्षीत् / अभौक्षीद्
अभौक्ताम्
अभौक्षुः
मध्यम
अभौक्षीः
अभौक्तम्
अभौक्त
उत्तम
अभौक्षम्
अभौक्ष्व
अभौक्ष्म
आशीर्लिङ् लकार आशीर्वाद
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
भुज्यात् / भुज्याद्
भुज्यास्ताम्
भुज्यासुः
मध्यम
भुज्याः
भुज्यास्तम्
भुज्यास्त
उत्तम
भुज्यासम्
भुज्यास्व
भुज्यास्म
लृङ् लकार क्रियातिपत्ति (हेतुहेतुमद्भूत)
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
अभोक्ष्यत् / अभोक्ष्यद्
अभोक्ष्यताम्
अभोक्ष्यन्
मध्यम
अभोक्ष्यः
अभोक्ष्यतम्
अभोक्ष्यत
उत्तम
अभोक्ष्यम्
अभोक्ष्याव
अभोक्ष्याम
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
भुङ्क्ते
भुञ्जाते
भुञ्जते
मध्यम
भुङ्क्षे
भुञ्जाथे
भुङ्ग्ध्वे
उत्तम
भुञ्जे
भुञ्ज्वहे
भुञ्ज्महे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
भुङ्क्ताम्
भुञ्जाताम्
भुञ्जताम्
मध्यम
भुङ्क्ष्व
भुञ्जाथाम्
भुङ्ग्ध्वम्
उत्तम
भुनजै
भुनजावहै
भुनजामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
अभुङ्क्त
अभुञ्जाताम्
अभुञ्जत
मध्यम
अभुङ्क्थाः
अभुञ्जाथाम्
अभुङ्ग्ध्वम्
उत्तम
अभुञ्जि
अभुञ्ज्वहि
अभुञ्ज्महि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
भुञ्जीत
भुञ्जीयाताम्
भुञ्जीरन्
मध्यम
भुञ्जीथाः
भुञ्जीयाथाम्
भुञ्जीध्वम्
उत्तम
भुञ्जीय
भुञ्जीवहि
भुञ्जीमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
भोक्ष्यते
भोक्ष्येते
भोक्ष्यन्ते
मध्यम
भोक्ष्यसे
भोक्ष्येथे
भोक्ष्यध्वे
उत्तम
भोक्ष्ये
भोक्ष्यावहे
भोक्ष्यामहे
लुट् लकार अनद्यतन भविष्यत्
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
भोक्ता
भोक्तारौ
भोक्तारः
मध्यम
भोक्तासे
भोक्तासाथे
भोक्ताध्वे
उत्तम
भोक्ताहे
भोक्तास्वहे
भोक्तास्महे
लिट् लकार परोक्ष भूतकाल
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
बुभुजे
बुभुजाते
बुभुजिरे
मध्यम
बुभुजिषे
बुभुजाथे
बुभुजिध्वे
उत्तम
बुभुजे
बुभुजिवहे
बुभुजिमहे
लुङ् लकार सामान्य भूतकाल
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
अभुक्त
अभुक्षाताम्
अभुक्षत
मध्यम
अभुक्थाः
अभुक्षाथाम्
अभुग्ध्वम्
उत्तम
अभुक्षि
अभुक्ष्वहि
अभुक्ष्महि
आशीर्लिङ् लकार आशीर्वाद
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
भुक्षीष्ट
भुक्षीयास्ताम्
भुक्षीरन्
मध्यम
भुक्षीष्ठाः
भुक्षीयास्थाम्
भुक्षीध्वम्
उत्तम
भुक्षीय
भुक्षीवहि
भुक्षीमहि
लृङ् लकार क्रियातिपत्ति (हेतुहेतुमद्भूत)
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
अभोक्ष्यत
अभोक्ष्येताम्
अभोक्ष्यन्त
मध्यम
अभोक्ष्यथाः
अभोक्ष्येथाम्
अभोक्ष्यध्वम्
उत्तम
अभोक्ष्ये
अभोक्ष्यावहि
अभोक्ष्यामहि
कर्मणि प्रयोग में क्रिया कर्म के अनुसार (सकर्मक धातु), भावे प्रयोग में सदा प्रथम पुरुष एकवचन (अकर्मक धातु) — आत्मनेपद के प्रत्यय।
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
भुज्यते
भुज्येते
भुज्यन्ते
मध्यम
भुज्यसे
भुज्येथे
भुज्यध्वे
उत्तम
भुज्ये
भुज्यावहे
भुज्यामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
भुज्यताम्
भुज्येताम्
भुज्यन्ताम्
मध्यम
भुज्यस्व
भुज्येथाम्
भुज्यध्वम्
उत्तम
भुज्यै
भुज्यावहै
भुज्यामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
अभुज्यत
अभुज्येताम्
अभुज्यन्त
मध्यम
अभुज्यथाः
अभुज्येथाम्
अभुज्यध्वम्
उत्तम
अभुज्ये
अभुज्यावहि
अभुज्यामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
भुज्येत
भुज्येयाताम्
भुज्येरन्
मध्यम
भुज्येथाः
भुज्येयाथाम्
भुज्येध्वम्
उत्तम
भुज्येय
भुज्येवहि
भुज्येमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
भोक्ष्यते
भोक्ष्येते
भोक्ष्यन्ते
मध्यम
भोक्ष्यसे
भोक्ष्येथे
भोक्ष्यध्वे
उत्तम
भोक्ष्ये
भोक्ष्यावहे
भोक्ष्यामहे
प्रत्यय
प्रयोग / अर्थ
प्रातिपदिक / अव्यय
पुंलिङ्ग
स्त्रीलिङ्ग
नपुंसकलिङ्ग
ल्युट्
भाववाचक/करणवाचक कृदन्त
भोजन
—
—
भोजनम्
ण्वुल्
कर्तृवाचक कृदन्त
भोजक
भोजकः
भोजिका
भोजकम्
तृच्
कर्तृवाचक कृदन्त
भोक्तृ
भोक्ता
भोक्त्री
भोक्तृ
ण्यत्
विध्यर्थक कृदन्त
भोज्य
भोज्यः
भोज्या
भोज्यम्
तव्य
विध्यर्थक कृदन्त (करना चाहिए)
भोक्तव्य
भोक्तव्यः
भोक्तव्या
भोक्तव्यम्
अनीयर्
विध्यर्थक कृदन्त
भोजनीय
भोजनीयः
भोजनीया
भोजनीयम्
क्त
भूतकालिक कर्मणि कृदन्त (निष्ठा)
भुक्त
भुक्तः
भुक्ता
भुक्तम्
क्तवतु
भूतकालिक कर्तरि कृदन्त (निष्ठा)
भुक्तवत्
भुक्तवान्
भुक्तवती
भुक्तवत् / भुक्तवद्
शतृ
वर्तमानकालिक कृदन्त (परस्मैपद)
भुञ्जत्
भुञ्जन्
भुञ्जती
भुञ्जत् / भुञ्जद्
स्य-शतृ
भविष्यत्कालिक कृदन्त
भोक्ष्यत्
भोक्ष्यन्
भोक्ष्यती / भोक्ष्यन्ती
भोक्ष्यत् / भोक्ष्यद्
शानच्
वर्तमानकालिक कृदन्त (आत्मनेपद)
भुञ्जान
भुञ्जानः
भुञ्जाना
भुञ्जानम्
क्त्वा
पूर्वकालिक अव्यय (करके)
भुक्त्वा
—
—
—
ल्यप्
पूर्वकालिक अव्यय, उपसर्ग-सहित (करके)
प्रभुज्य
—
—
—
तुमुन्
निमित्तार्थक अव्यय (करने के लिए)
भोक्तुम्
—
—
—
णमुल्
पूर्वकालिक/आभीक्ष्ण्य अव्यय
भोजम्
—
—
—
घञ्
भाववाचक कृदन्त
भोग
भोगः
—
—
क्तिन्
भाववाचक स्त्रीलिङ्ग कृदन्त
भुक्ति
—
भुक्तिः
—
क्वसु
भूतकालिक (लिट्) कृदन्त
बुभुज्वस्
बुभुज्वान्
बुभुजुषी
बुभुज्वत् / बुभुज्वद्
इन कृदन्त-प्रातिपदिकों के सम्पूर्ण विभक्ति-रूप शब्द-रूपावली में देखें (जैसे क्त — भूत → पुंलिङ्ग "राम" के समान)।
ⓘ धातुपाठ व धातुरूप-डेटा साभार: ashtadhyayi.com (मुक्त डेटा)। कुछ धातुओं के वैकल्पिक/वैदिक रूप "/" से दिखाये गये हैं। शब्दों के रूप हेतु शब्द-रूपावली, श्लोक-विश्लेषण हेतु श्लोकार्थ-बोधिनी।