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🕉️ श्लोकार्थ-बोधिनी

॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण

मार्जयतु

लम्बा गद्य (४००० अक्षर तक) भी लिख सकते हैं — वाक्य-वार विश्लेषण होगा। एक शब्द लिखने पर उसका अर्थ, सभी सम्भावित रूप, और पूरी शब्दरूप/धातुरूप तालिका दिखेगी।

🔎 पहचाना गया: एक शब्द

🔔 मूलशब्दः

मुञ्चते

🌸 पदच्छेदः स्वचालित

मुञ्चते

"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद

📖 शब्दकोशः — शब्द का पूर्ण परिचय कोश-आधारित

मुञ्चते

अर्थ: मुक्त करना, छोड़ना, त्याग करना

संस्कृत: मोक्षणे

अंग्रेज़ी: to free,to liberate,to leave, to release,to loosen,to abandon

सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):

  1. मुच् धातु (तुदादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
  2. मुञ्च् धातु (भ्वादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
  3. मुञ्चत् (पुं.) — चतुर्थी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: मुच् + शतृ
  4. मुञ्चता (स्त्री.) — चतुर्थी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: मुञ्च् + अच् · तद्धित: मुञ्च + तल् (भाववाचक)
  5. मुञ्चत् (नपुं.) — चतुर्थी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: मुच् + शतृ
  6. मुञ्चता (स्त्री.) — सम्बोधन, एकवचन · कृदन्त: मुञ्च् + अच् · तद्धित: मुञ्च + तल् (भाववाचक)
  7. मुञ्चता (स्त्री.) — प्रथमा विभक्ति, द्विवचन · कृदन्त: मुञ्च् + अच् · तद्धित: मुञ्च + तल् (भाववाचक)
  8. मुञ्चता (स्त्री.) — द्वितीया विभक्ति, द्विवचन · कृदन्त: मुञ्च् + अच् · तद्धित: मुञ्च + तल् (भाववाचक)

  📘 धातु-रूपावली में सभी लकार

धातुरूप — मुच् (तुदादिगण) · अर्थ: मुक्त करना, छोड़ना, त्याग करना (मोक्षणे)

लट् लकार, आत्मनेपद (कर्तरि):

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथममुञ्चतेमुञ्चेतेमुञ्चन्ते
मध्यममुञ्चसेमुञ्चेथेमुञ्चध्वे
उत्तममुञ्चेमुञ्चावहेमुञ्चामहे

दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: मुञ्चति · लट् (आत्मने.): मुञ्चते · लिट्: मुमोच · लिट् (आत्मने.): मुमुचे · लुट्: मोक्ता · लुट् (आत्मने.): मोक्ता · लृट्: मोक्ष्यति · लृट् (आत्मने.): मोक्ष्यते · लोट्: मुञ्चतात् · लोट् (आत्मने.): मुञ्चताम् · लङ्: अमुञ्चत् · लङ् (आत्मने.): अमुञ्चत · विधिलिङ्: मुञ्चेत् · विधिलिङ् (आत्मने.): मुञ्चेत · आशीर्लिङ्: मुच्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): मुक्षीष्ट · लुङ्: अमुचत् · लुङ् (आत्मने.): अमुक्त · लृङ्: अमोक्ष्यत् · लृङ् (आत्मने.): अमोक्ष्यत

प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: मोचन · ण्वुल्: मोचकः · तृच्: मोक्ता · ण्यत्: मोच्यः · तव्य: मोक्तव्यः · अनीयर्: मोचनीयः · क्त: मुक्तः · क्तवतु: मुक्तवान् · शतृ: मुञ्चन् · स्य-शतृ: मोक्ष्यन् · शानच्: मुञ्चमानः · क्त्वा: मुक्त्वा · ल्यप्: प्रमुच्य · तुमुन्: मोक्तुम् · णमुल्: मोचम् · घञ्: मोकः · क्तिन्: मुक्ति · क्वसु: मुमुच्वान्

🌹 पदपरिचयः स्वचालित

पदम्विवरणम्
मुञ्चतेमुच् धातु (तुदादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
अन्य सम्भावना: मुञ्च् धातु (भ्वादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन | मुञ्चत् (पुं.) — चतुर्थी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: मुच् + शतृ

🌷 पदार्थः कोश-आधारित

मुञ्चते ➤ मुक्त करना, छोड़ना, त्याग करना
संस्कृत: मोक्षणे

📚 अमरकोश-सम्बन्धः अमरकोश

इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।

⚙️ व्याकरणम् स्वचालित

❖ सन्धिः

इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।

❖ समासः

कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।

❖ कृदन्तः

कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।

❖ तद्धितान्तः

कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।

विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड

⚑ कोई विश्लेषण गलत लगा? सूचित करें — इससे साधन सुधरता है
यह साधन कैसे काम करता है: सब कुछ इसी वेबसाइट के सर्वर पर होता है — कोई बाहरी API/AI नहीं, आपका श्लोक कहीं भेजा या सहेजा नहीं जाता। पदच्छेद पाणिनीय सन्धि-नियमों के उल्टे प्रयोग से, पदपरिचय लगभग ७.५ लाख शब्द-रूपों व १.२ लाख प्रातिपदिकों के कोश से, अर्थ आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश व अमरकोश से, और अन्वय विभक्ति-क्रम के नियमों से बनता है। स्वचालित होने से कहीं-कहीं विकल्प गलत चुना जा सकता है (हर पद के "अन्य सम्भावना" देखें); श्रीमद्भागवत के श्लोकों पर साइट की जाँची हुई टीका दिखती है।
शब्द-डेटा साभार: ashtadhyayi.com (शब्दरूप, धातुरूप, आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश, अमरकोश) · सूत्र-लिंक: लघुसिद्धान्तकौमुदी।
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