॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: मुक्त करना, छोड़ना, त्याग करना
संस्कृत: मोक्षणे
अंग्रेज़ी: to free,to liberate,to leave, to release,to loosen,to abandon
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, आत्मनेपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | मुञ्चते | मुञ्चेते | मुञ्चन्ते |
| मध्यम | मुञ्चसे | मुञ्चेथे | मुञ्चध्वे |
| उत्तम | मुञ्चे | मुञ्चावहे | मुञ्चामहे |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: मुञ्चति · लट् (आत्मने.): मुञ्चते · लिट्: मुमोच · लिट् (आत्मने.): मुमुचे · लुट्: मोक्ता · लुट् (आत्मने.): मोक्ता · लृट्: मोक्ष्यति · लृट् (आत्मने.): मोक्ष्यते · लोट्: मुञ्चतात् · लोट् (आत्मने.): मुञ्चताम् · लङ्: अमुञ्चत् · लङ् (आत्मने.): अमुञ्चत · विधिलिङ्: मुञ्चेत् · विधिलिङ् (आत्मने.): मुञ्चेत · आशीर्लिङ्: मुच्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): मुक्षीष्ट · लुङ्: अमुचत् · लुङ् (आत्मने.): अमुक्त · लृङ्: अमोक्ष्यत् · लृङ् (आत्मने.): अमोक्ष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: मोचन · ण्वुल्: मोचकः · तृच्: मोक्ता · ण्यत्: मोच्यः · तव्य: मोक्तव्यः · अनीयर्: मोचनीयः · क्त: मुक्तः · क्तवतु: मुक्तवान् · शतृ: मुञ्चन् · स्य-शतृ: मोक्ष्यन् · शानच्: मुञ्चमानः · क्त्वा: मुक्त्वा · ल्यप्: प्रमुच्य · तुमुन्: मोक्तुम् · णमुल्: मोचम् · घञ्: मोकः · क्तिन्: मुक्ति · क्वसु: मुमुच्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| मुञ्चते | मुच् धातु (तुदादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: मुञ्च् धातु (भ्वादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन | मुञ्चत् (पुं.) — चतुर्थी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: मुच् + शतृ |
मुञ्चते ➤ मुक्त करना, छोड़ना, त्याग करना
संस्कृत: मोक्षणे
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड