🕉️ 28 October 2026, Wednesday · 06:27:11 PM · CDSHARMA.IN

🕉️ श्लोकार्थ-बोधिनी

॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण

मार्जयतु

लम्बा गद्य (४००० अक्षर तक) भी लिख सकते हैं — वाक्य-वार विश्लेषण होगा। एक शब्द लिखने पर उसका अर्थ, सभी सम्भावित रूप, और पूरी शब्दरूप/धातुरूप तालिका दिखेगी।

🔎 पहचाना गया: एक शब्द

🔔 मूलशब्दः

मृष्यति

🌸 पदच्छेदः स्वचालित

मृष्यति

"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद

📖 शब्दकोशः — शब्द का पूर्ण परिचय कोश-आधारित

मृष्यति

अर्थ: सहन करना, क्षमा करना

संस्कृत: तितिक्षायाम्

अंग्रेज़ी: to tolerate,to bear,to endure,to suffer,to forgive

सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):

  1. मृष् धातु (दिवादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
  2. मृष्यत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: मृष् + शतृ
  3. मृष्यता (स्त्री.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: मृष् + क्यप् · तद्धित: मृष्य + तल् (भाववाचक)
  4. मृष्यत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: मृष् + शतृ

  📘 धातु-रूपावली में सभी लकार

धातुरूप — मृष् (दिवादिगण) · अर्थ: सहन करना, क्षमा करना (तितिक्षायाम्)

लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथममृष्यतिमृष्यतःमृष्यन्ति
मध्यममृष्यसिमृष्यथःमृष्यथ
उत्तममृष्यामिमृष्यावःमृष्यामः

दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: मृष्यति · लट् (आत्मने.): मृष्यते · लिट्: ममर्ष · लिट् (आत्मने.): ममृषे · लुट्: मर्षिता · लुट् (आत्मने.): मर्षिता · लृट्: मर्षिष्यति · लृट् (आत्मने.): मर्षिष्यते · लोट्: मृष्यतात् · लोट् (आत्मने.): मृष्यताम् · लङ्: अमृष्यत् · लङ् (आत्मने.): अमृष्यत · विधिलिङ्: मृष्येत् · विधिलिङ् (आत्मने.): मृष्येत · आशीर्लिङ्: मृष्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): मर्षिषीष्ट · लुङ्: अमर्षीत् · लुङ् (आत्मने.): अमर्षिष्ट · लृङ्: अमर्षिष्यत् · लृङ् (आत्मने.): अमर्षिष्यत

प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: मर्षण · ण्वुल्: मर्षकः · तृच्: मर्षिता · तव्य: मर्षितव्यः · अनीयर्: मर्षणीयः · क्त: मर्षितः · क्तवतु: मर्षितवान् · शतृ: मृष्यन् · स्य-शतृ: मर्षिष्यन् · शानच्: मृष्यमाणः · क्त्वा: मृषित्वा · ल्यप्: प्रमृष्य · तुमुन्: मर्षितुम् · णमुल्: मर्षम् · घञ्: मर्षः · क्तिन्: मृष्टि · क्वसु: ममृष्वान्

🌹 पदपरिचयः स्वचालित

पदम्विवरणम्
मृष्यतिमृष् धातु (दिवादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
अन्य सम्भावना: मृष्यत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: मृष् + शतृ | मृष्यता (स्त्री.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: मृष् + क्यप् · तद्धित: मृष्य + तल् (भाववाचक)

🌷 पदार्थः कोश-आधारित

मृष्यति ➤ सहन करना, क्षमा करना
संस्कृत: तितिक्षायाम्

📚 अमरकोश-सम्बन्धः अमरकोश

इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।

⚙️ व्याकरणम् स्वचालित

❖ सन्धिः

इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।

❖ समासः

कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।

❖ कृदन्तः

कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।

❖ तद्धितान्तः

कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।

विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड

⚑ कोई विश्लेषण गलत लगा? सूचित करें — इससे साधन सुधरता है
यह साधन कैसे काम करता है: सब कुछ इसी वेबसाइट के सर्वर पर होता है — कोई बाहरी API/AI नहीं, आपका श्लोक कहीं भेजा या सहेजा नहीं जाता। पदच्छेद पाणिनीय सन्धि-नियमों के उल्टे प्रयोग से, पदपरिचय लगभग ७.५ लाख शब्द-रूपों व १.२ लाख प्रातिपदिकों के कोश से, अर्थ आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश व अमरकोश से, और अन्वय विभक्ति-क्रम के नियमों से बनता है। स्वचालित होने से कहीं-कहीं विकल्प गलत चुना जा सकता है (हर पद के "अन्य सम्भावना" देखें); श्रीमद्भागवत के श्लोकों पर साइट की जाँची हुई टीका दिखती है।
शब्द-डेटा साभार: ashtadhyayi.com (शब्दरूप, धातुरूप, आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश, अमरकोश) · सूत्र-लिंक: लघुसिद्धान्तकौमुदी।
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