॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: समझना, जानना, पीड़ा देना, दुःख देना, हानि करना
संस्कृत: मेधाहिंसनयोः
अंग्रेज़ी: to understand, to know, to hurt, to injure, to cause trouble
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | मेदति | मेदतः | मेदन्ति |
| मध्यम | मेदसि | मेदथः | मेदथ |
| उत्तम | मेदामि | मेदावः | मेदामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: मेदति · लट् (आत्मने.): मेदते · लिट्: मिमेद · लिट् (आत्मने.): मिमिदे · लुट्: मेदिता · लुट् (आत्मने.): मेदिता · लृट्: मेदिष्यति · लृट् (आत्मने.): मेदिष्यते · लोट्: मेदतात् · लोट् (आत्मने.): मेदताम् · लङ्: अमेदत् · लङ् (आत्मने.): अमेदत · विधिलिङ्: मेदेत् · विधिलिङ् (आत्मने.): मेदेत · आशीर्लिङ्: मिद्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): मेदिषीष्ट · लुङ्: अमेदीत् · लुङ् (आत्मने.): अमेदिष्ट · लृङ्: अमेदिष्यत् · लृङ् (आत्मने.): अमेदिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: मेदन · ण्वुल्: मेदकः · तृच्: मेदिता · ण्यत्: मेद्यः · तव्य: मेदितव्यः · अनीयर्: मेदनीयः · क्त: मेदितः · क्तवतु: मेदितवान् · शतृ: मेदन् · स्य-शतृ: मेदिष्यन् · शानच्: मेदमानः · क्त्वा: मिदित्वा · ल्यप्: प्रमिद्य · तुमुन्: मेदितुम् · णमुल्: मेदम् · घञ्: मेदः · क्तिन्: मित्ति · क्वसु: मिमिद्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| मेदति | मिद् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: मेद् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन | मेदता (स्त्री.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · तद्धित: मेद + तल् (भाववाचक) |
मेदति ➤ समझना, जानना, पीड़ा देना, दुःख देना, हानि करना
संस्कृत: मेधाहिंसनयोः
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.३ सेकण्ड