॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: उपवास रखना, न खाना
संस्कृत: अपरिवेषणे
अंग्रेज़ी: to fast, to avoid eating
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | यमति | यमतः | यमन्ति |
| मध्यम | यमसि | यमथः | यमथ |
| उत्तम | यमामि | यमावः | यमामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: यमति · लिट्: ययाम · लुट्: यमिता · लृट्: यमिष्यति · लोट्: यमतात् · लङ्: अयमत् · विधिलिङ्: यमेत् · आशीर्लिङ्: यम्यात् · लुङ्: अयंसीत् · लृङ्: अयमिष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: यमन · ण्वुल्: यमकः · तृच्: यमिता · यत्: यम्यः · तव्य: यमितव्यः · अनीयर्: यमनीयः · क्त: यमितः · क्तवतु: यमितवान् · शतृ: यमन् · स्य-शतृ: यमिष्यन् · क्त्वा: यमित्वा · ल्यप्: प्रयम्य · तुमुन्: यमितुम् · णमुल्: यमम् · घञ्: यमः · क्तिन्: यान्ति · क्वसु: येमिवान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| यमति | यम् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: यमत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: यम् + शतृ | यमत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: यम् + शतृ |
यमति ➤ उपवास रखना, न खाना
संस्कृत: अपरिवेषणे
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड