🕉️ 28 October 2026, Wednesday · 11:22:23 PM · CDSHARMA.IN

🕉️ श्लोकार्थ-बोधिनी

॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण

मार्जयतु

लम्बा गद्य (४००० अक्षर तक) भी लिख सकते हैं — वाक्य-वार विश्लेषण होगा। एक शब्द लिखने पर उसका अर्थ, सभी सम्भावित रूप, और पूरी शब्दरूप/धातुरूप तालिका दिखेगी।

🔎 पहचाना गया: एक शब्द

🔔 मूलशब्दः

रक्षति

🌸 पदच्छेदः स्वचालित

रक्षति

"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद

📖 शब्दकोशः — शब्द का पूर्ण परिचय कोश-आधारित

रक्षति

अर्थ: पालन करना

संस्कृत: पालने

अंग्रेज़ी: to protect,to watch,to take care of

सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):

  1. रक्ष् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
  2. रक्षत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: रक्ष् + शतृ
  3. रक्षत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: रक्ष् + शतृ
  4. रक्षता (स्त्री.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: रक्ष् + घञ् · तद्धित: रक्ष + तल् (भाववाचक)

  📘 धातु-रूपावली में सभी लकार

धातुरूप — रक्ष् (भ्वादिगण) · अर्थ: पालन करना (पालने)

लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमरक्षतिरक्षतःरक्षन्ति
मध्यमरक्षसिरक्षथःरक्षथ
उत्तमरक्षामिरक्षावःरक्षामः

दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: रक्षति · लिट्: ररक्ष · लुट्: रक्षिता · लृट्: रक्षिष्यति · लोट्: रक्षतात् · लङ्: अरक्षत् · विधिलिङ्: रक्षेत् · आशीर्लिङ्: रक्ष्यात् · लुङ्: अरक्षीत् · लृङ्: अरक्षिष्यत्

प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: रक्षण · ण्वुल्: रक्षकः · तृच्: रक्षिता · ण्यत्: रक्ष्यः · तव्य: रक्षितव्यः · अनीयर्: रक्षणीयः · क्त: रक्षितः · क्तवतु: रक्षितवान् · शतृ: रक्षन् · स्य-शतृ: रक्षिष्यन् · क्त्वा: रक्षित्वा · ल्यप्: प्ररक्ष्य · तुमुन्: रक्षितुम् · णमुल्: रक्षम् · घञ्: रक्षः · क्तिन्: रष्टि · क्वसु: ररक्ष्वान्

🌹 पदपरिचयः स्वचालित

पदम्विवरणम्
रक्षतिरक्ष् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
अन्य सम्भावना: रक्षत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: रक्ष् + शतृ | रक्षत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: रक्ष् + शतृ

🌷 पदार्थः कोश-आधारित

रक्षति ➤ पालन करना
संस्कृत: पालने

📚 अमरकोश-सम्बन्धः अमरकोश

इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।

⚙️ व्याकरणम् स्वचालित

❖ सन्धिः

इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।

❖ समासः

कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।

❖ कृदन्तः

कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।

❖ तद्धितान्तः

कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।

विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड

⚑ कोई विश्लेषण गलत लगा? सूचित करें — इससे साधन सुधरता है
यह साधन कैसे काम करता है: सब कुछ इसी वेबसाइट के सर्वर पर होता है — कोई बाहरी API/AI नहीं, आपका श्लोक कहीं भेजा या सहेजा नहीं जाता। पदच्छेद पाणिनीय सन्धि-नियमों के उल्टे प्रयोग से, पदपरिचय लगभग ७.५ लाख शब्द-रूपों व १.२ लाख प्रातिपदिकों के कोश से, अर्थ आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश व अमरकोश से, और अन्वय विभक्ति-क्रम के नियमों से बनता है। स्वचालित होने से कहीं-कहीं विकल्प गलत चुना जा सकता है (हर पद के "अन्य सम्भावना" देखें); श्रीमद्भागवत के श्लोकों पर साइट की जाँची हुई टीका दिखती है।
शब्द-डेटा साभार: ashtadhyayi.com (शब्दरूप, धातुरूप, आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश, अमरकोश) · सूत्र-लिंक: लघुसिद्धान्तकौमुदी।
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