॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: सूखना, शुष्क होना, भूषित करना, कार्यक्षम होना, रोकना, निषेध करना
संस्कृत: शोषणालमर्थयोः
अंग्रेज़ी: to dry out, to decorate, to be sufficient, to refuse, to prevent, to stop
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | राखति | राखतः | राखन्ति |
| मध्यम | राखसि | राखथः | राखथ |
| उत्तम | राखामि | राखावः | राखामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: राखति · लिट्: रराख · लुट्: राखिता · लृट्: राखिष्यति · लोट्: राखतात् · लङ्: अराखत् · विधिलिङ्: राखेत् · आशीर्लिङ्: राख्यात् · लुङ्: अराखीत् · लृङ्: अराखिष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: राखण · ण्वुल्: राखकः · तृच्: राखिता · ण्यत्: राख्यः · तव्य: राखितव्यः · अनीयर्: राखणीयः · क्त: राखितः · क्तवतु: राखितवान् · शतृ: राखन् · स्य-शतृ: राखिष्यन् · क्त्वा: राखित्वा · ल्यप्: प्रराख्य · तुमुन्: राखितुम् · णमुल्: राखम् · घञ्: राखः · क्तिन्: राक्ति · क्वसु: रराख्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| राखति | राख् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: राखत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: राख् + शतृ | राखत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: राख् + शतृ |
राखति ➤ सूखना, शुष्क होना, भूषित करना, कार्यक्षम होना, रोकना, निषेध करना
संस्कृत: शोषणालमर्थयोः
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड