२२००+ धातुओं के दसों लकारों के रूप, कर्मणि-भावे प्रयोग व कृदन्त — धातु, क्रिया-रूप (गच्छति, अकरोत्) या अर्थ (जाना, read) से खोजें
राख् (राखृँ)
भ्वादिगण · परस्मैपदी · धातुपाठ 01.0130
धात्वर्थ: शोषणालमर्थयोः — सूखना, शुष्क होना, भूषित करना, कार्यक्षम होना, रोकना, निषेध करना (to dry out, to decorate, to be sufficient, to refuse, to prevent, to stop)
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
राखति
राखतः
राखन्ति
मध्यम
राखसि
राखथः
राखथ
उत्तम
राखामि
राखावः
राखामः
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
राखतात् / राखताद् / राखतु
राखताम्
राखन्तु
मध्यम
राख / राखतात् / राखताद्
राखतम्
राखत
उत्तम
राखाणि
राखाव
राखाम
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
अराखत् / अराखद्
अराखताम्
अराखन्
मध्यम
अराखः
अराखतम्
अराखत
उत्तम
अराखम्
अराखाव
अराखाम
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
राखेत् / राखेद्
राखेताम्
राखेयुः
मध्यम
राखेः
राखेतम्
राखेत
उत्तम
राखेयम्
राखेव
राखेम
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
राखिष्यति
राखिष्यतः
राखिष्यन्ति
मध्यम
राखिष्यसि
राखिष्यथः
राखिष्यथ
उत्तम
राखिष्यामि
राखिष्यावः
राखिष्यामः
लुट् लकार अनद्यतन भविष्यत्
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
राखिता
राखितारौ
राखितारः
मध्यम
राखितासि
राखितास्थः
राखितास्थ
उत्तम
राखितास्मि
राखितास्वः
राखितास्मः
लिट् लकार परोक्ष भूतकाल
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
रराख
रराखतुः
रराखुः
मध्यम
रराखिथ
रराखथुः
रराख
उत्तम
रराख
रराखिव
रराखिम
लुङ् लकार सामान्य भूतकाल
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
अराखीत् / अराखीद्
अराखिष्टाम्
अराखिषुः
मध्यम
अराखीः
अराखिष्टम्
अराखिष्ट
उत्तम
अराखिषम्
अराखिष्व
अराखिष्म
आशीर्लिङ् लकार आशीर्वाद
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
राख्यात् / राख्याद्
राख्यास्ताम्
राख्यासुः
मध्यम
राख्याः
राख्यास्तम्
राख्यास्त
उत्तम
राख्यासम्
राख्यास्व
राख्यास्म
लृङ् लकार क्रियातिपत्ति (हेतुहेतुमद्भूत)
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
अराखिष्यत् / अराखिष्यद्
अराखिष्यताम्
अराखिष्यन्
मध्यम
अराखिष्यः
अराखिष्यतम्
अराखिष्यत
उत्तम
अराखिष्यम्
अराखिष्याव
अराखिष्याम
कर्मणि प्रयोग में क्रिया कर्म के अनुसार (सकर्मक धातु), भावे प्रयोग में सदा प्रथम पुरुष एकवचन (अकर्मक धातु) — आत्मनेपद के प्रत्यय।
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
राख्यते
राख्येते
राख्यन्ते
मध्यम
राख्यसे
राख्येथे
राख्यध्वे
उत्तम
राख्ये
राख्यावहे
राख्यामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
राख्यताम्
राख्येताम्
राख्यन्ताम्
मध्यम
राख्यस्व
राख्येथाम्
राख्यध्वम्
उत्तम
राख्यै
राख्यावहै
राख्यामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
अराख्यत
अराख्येताम्
अराख्यन्त
मध्यम
अराख्यथाः
अराख्येथाम्
अराख्यध्वम्
उत्तम
अराख्ये
अराख्यावहि
अराख्यामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
राख्येत
राख्येयाताम्
राख्येरन्
मध्यम
राख्येथाः
राख्येयाथाम्
राख्येध्वम्
उत्तम
राख्येय
राख्येवहि
राख्येमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष
एकवचन
द्विवचन
बहुवचन
प्रथम
राखिष्यते
राखिष्येते
राखिष्यन्ते
मध्यम
राखिष्यसे
राखिष्येथे
राखिष्यध्वे
उत्तम
राखिष्ये
राखिष्यावहे
राखिष्यामहे
प्रत्यय
प्रयोग / अर्थ
प्रातिपदिक / अव्यय
पुंलिङ्ग
स्त्रीलिङ्ग
नपुंसकलिङ्ग
ल्युट्
भाववाचक/करणवाचक कृदन्त
राखण
—
—
राखणम्
ण्वुल्
कर्तृवाचक कृदन्त
राखक
राखकः
राखिका
राखकम्
तृच्
कर्तृवाचक कृदन्त
राखितृ
राखिता
राखित्री
राखितृ
ण्यत्
विध्यर्थक कृदन्त
राख्य
राख्यः
राख्या
राख्यम्
तव्य
विध्यर्थक कृदन्त (करना चाहिए)
राखितव्य
राखितव्यः
राखितव्या
राखितव्यम्
अनीयर्
विध्यर्थक कृदन्त
राखणीय
राखणीयः
राखणीया
राखणीयम्
क्त
भूतकालिक कर्मणि कृदन्त (निष्ठा)
राखित
राखितः
राखिता
राखितम्
क्तवतु
भूतकालिक कर्तरि कृदन्त (निष्ठा)
राखितवत्
राखितवान्
राखितवती
राखितवत् / राखितवद्
शतृ
वर्तमानकालिक कृदन्त (परस्मैपद)
राखत्
राखन्
राखन्ती
राखत् / राखद्
स्य-शतृ
भविष्यत्कालिक कृदन्त
राखिष्यत्
राखिष्यन्
राखिष्यती / राखिष्यन्ती
राखिष्यत् / राखिष्यद्
क्त्वा
पूर्वकालिक अव्यय (करके)
राखित्वा
—
—
—
ल्यप्
पूर्वकालिक अव्यय, उपसर्ग-सहित (करके)
प्रराख्य
—
—
—
तुमुन्
निमित्तार्थक अव्यय (करने के लिए)
राखितुम्
—
—
—
णमुल्
पूर्वकालिक/आभीक्ष्ण्य अव्यय
राखम्
—
—
—
घञ्
भाववाचक कृदन्त
राख
राखः
—
—
क्तिन्
भाववाचक स्त्रीलिङ्ग कृदन्त
राक्ति
—
राक्तिः
—
क्वसु
भूतकालिक (लिट्) कृदन्त
रराख्वस्
रराख्वान्
रराखुषी
रराख्वत् / रराख्वद्
इन कृदन्त-प्रातिपदिकों के सम्पूर्ण विभक्ति-रूप शब्द-रूपावली में देखें (जैसे क्त — भूत → पुंलिङ्ग "राम" के समान)।
ⓘ धातुपाठ व धातुरूप-डेटा साभार: ashtadhyayi.com (मुक्त डेटा)। कुछ धातुओं के वैकल्पिक/वैदिक रूप "/" से दिखाये गये हैं। शब्दों के रूप हेतु शब्द-रूपावली, श्लोक-विश्लेषण हेतु श्लोकार्थ-बोधिनी।