॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: कठिन होना, रुक्ष होना, कठोर वचन बोलना, नीरस होना, शुष्क होना
संस्कृत: पारुष्ये
अंग्रेज़ी: to become hard, to become dry, to speak harshly, to be dull
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | रूक्षयति | रूक्षयतः | रूक्षयन्ति |
| मध्यम | रूक्षयसि | रूक्षयथः | रूक्षयथ |
| उत्तम | रूक्षयामि | रूक्षयावः | रूक्षयामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: रूक्षयति · लट् (आत्मने.): रूक्षयते · लिट्: रूक्षयाञ्चकार · लिट् (आत्मने.): रूक्षयाञ्चक्रे · लुट्: रूक्षयिता · लुट् (आत्मने.): रूक्षयिता · लृट्: रूक्षयिष्यति · लृट् (आत्मने.): रूक्षयिष्यते · लोट्: रूक्षयतात् · लोट् (आत्मने.): रूक्षयताम् · लङ्: अरूक्षयत् · लङ् (आत्मने.): अरूक्षयत · विधिलिङ्: रूक्षयेत् · विधिलिङ् (आत्मने.): रूक्षयेत · आशीर्लिङ्: रूक्ष्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): रूक्षयिषीष्ट · लुङ्: अरुरूक्षत् · लुङ् (आत्मने.): अरुरूक्षत · लृङ्: अरूक्षयिष्यत् · लृङ् (आत्मने.): अरूक्षयिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: रूक्षण · ण्वुल्: रूक्षकः · तृच्: रूक्षयिता · यत्: रूक्ष्यः · तव्य: रूक्षयितव्यः · अनीयर्: रूक्षणीयः · क्त: रूक्षितः · क्तवतु: रूक्षितवान् · शतृ: रूक्षयन् · स्य-शतृ: रूक्षयिष्यन् · शानच्: रूक्षयमाणः · क्त्वा: रूक्षयित्वा · ल्यप्: प्ररूक्ष्य · तुमुन्: रूक्षयितुम् · णमुल्: रूक्षम् · क्तिन्: रूष्टि · क्वसु: रूक्षयाम्बभूवान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| रूक्षयति | रूक्ष धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: रूक्ष धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन · णिजन्त (प्रेरणार्थक) | रूक्षयत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: रूक्ष + शतृ |
रूक्षयति ➤ कठिन होना, रुक्ष होना, कठोर वचन बोलना, नीरस होना, शुष्क होना
संस्कृत: पारुष्ये
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड