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🕉️ श्लोकार्थ-बोधिनी

॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण

मार्जयतु

लम्बा गद्य (४००० अक्षर तक) भी लिख सकते हैं — वाक्य-वार विश्लेषण होगा। एक शब्द लिखने पर उसका अर्थ, सभी सम्भावित रूप, और पूरी शब्दरूप/धातुरूप तालिका दिखेगी।

🔎 पहचाना गया: एक शब्द

🔔 मूलशब्दः

रूक्षयति

🌸 पदच्छेदः स्वचालित

रूक्षयति

"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद

📖 शब्दकोशः — शब्द का पूर्ण परिचय कोश-आधारित

रूक्षयति

अर्थ: कठिन होना, रुक्ष होना, कठोर वचन बोलना, नीरस होना, शुष्क होना

संस्कृत: पारुष्ये

अंग्रेज़ी: to become hard, to become dry, to speak harshly, to be dull

सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):

  1. रूक्ष धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
  2. रूक्ष धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन · णिजन्त (प्रेरणार्थक)
  3. रूक्षयत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: रूक्ष + शतृ
  4. रूक्षयत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: रूक्ष + शतृ

  📘 धातु-रूपावली में सभी लकार

धातुरूप — रूक्ष (चुरादिगण) · अर्थ: कठिन होना, रुक्ष होना, कठोर वचन बोलना, नीरस होना, शुष्क होना (पारुष्ये)

लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमरूक्षयतिरूक्षयतःरूक्षयन्ति
मध्यमरूक्षयसिरूक्षयथःरूक्षयथ
उत्तमरूक्षयामिरूक्षयावःरूक्षयामः

दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: रूक्षयति · लट् (आत्मने.): रूक्षयते · लिट्: रूक्षयाञ्चकार · लिट् (आत्मने.): रूक्षयाञ्चक्रे · लुट्: रूक्षयिता · लुट् (आत्मने.): रूक्षयिता · लृट्: रूक्षयिष्यति · लृट् (आत्मने.): रूक्षयिष्यते · लोट्: रूक्षयतात् · लोट् (आत्मने.): रूक्षयताम् · लङ्: अरूक्षयत् · लङ् (आत्मने.): अरूक्षयत · विधिलिङ्: रूक्षयेत् · विधिलिङ् (आत्मने.): रूक्षयेत · आशीर्लिङ्: रूक्ष्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): रूक्षयिषीष्ट · लुङ्: अरुरूक्षत् · लुङ् (आत्मने.): अरुरूक्षत · लृङ्: अरूक्षयिष्यत् · लृङ् (आत्मने.): अरूक्षयिष्यत

प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: रूक्षण · ण्वुल्: रूक्षकः · तृच्: रूक्षयिता · यत्: रूक्ष्यः · तव्य: रूक्षयितव्यः · अनीयर्: रूक्षणीयः · क्त: रूक्षितः · क्तवतु: रूक्षितवान् · शतृ: रूक्षयन् · स्य-शतृ: रूक्षयिष्यन् · शानच्: रूक्षयमाणः · क्त्वा: रूक्षयित्वा · ल्यप्: प्ररूक्ष्य · तुमुन्: रूक्षयितुम् · णमुल्: रूक्षम् · क्तिन्: रूष्टि · क्वसु: रूक्षयाम्बभूवान्

🌹 पदपरिचयः स्वचालित

पदम्विवरणम्
रूक्षयतिरूक्ष धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
अन्य सम्भावना: रूक्ष धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन · णिजन्त (प्रेरणार्थक) | रूक्षयत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: रूक्ष + शतृ

🌷 पदार्थः कोश-आधारित

रूक्षयति ➤ कठिन होना, रुक्ष होना, कठोर वचन बोलना, नीरस होना, शुष्क होना
संस्कृत: पारुष्ये

📚 अमरकोश-सम्बन्धः अमरकोश

इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।

⚙️ व्याकरणम् स्वचालित

❖ सन्धिः

इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।

❖ समासः

कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।

❖ कृदन्तः

कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।

❖ तद्धितान्तः

कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।

विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड

⚑ कोई विश्लेषण गलत लगा? सूचित करें — इससे साधन सुधरता है
यह साधन कैसे काम करता है: सब कुछ इसी वेबसाइट के सर्वर पर होता है — कोई बाहरी API/AI नहीं, आपका श्लोक कहीं भेजा या सहेजा नहीं जाता। पदच्छेद पाणिनीय सन्धि-नियमों के उल्टे प्रयोग से, पदपरिचय लगभग ७.५ लाख शब्द-रूपों व १.२ लाख प्रातिपदिकों के कोश से, अर्थ आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश व अमरकोश से, और अन्वय विभक्ति-क्रम के नियमों से बनता है। स्वचालित होने से कहीं-कहीं विकल्प गलत चुना जा सकता है (हर पद के "अन्य सम्भावना" देखें); श्रीमद्भागवत के श्लोकों पर साइट की जाँची हुई टीका दिखती है।
शब्द-डेटा साभार: ashtadhyayi.com (शब्दरूप, धातुरूप, आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश, अमरकोश) · सूत्र-लिंक: लघुसिद्धान्तकौमुदी।
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