🕉️ 28 October 2026, Wednesday · 11:21:22 PM · CDSHARMA.IN

🕉️ श्लोकार्थ-बोधिनी

॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण

मार्जयतु

लम्बा गद्य (४००० अक्षर तक) भी लिख सकते हैं — वाक्य-वार विश्लेषण होगा। एक शब्द लिखने पर उसका अर्थ, सभी सम्भावित रूप, और पूरी शब्दरूप/धातुरूप तालिका दिखेगी।

🔎 पहचाना गया: एक शब्द

🔔 मूलशब्दः

रूपयति

🌸 पदच्छेदः स्वचालित

रूपयति

"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद

📖 शब्दकोशः — शब्द का पूर्ण परिचय कोश-आधारित

रूपयति

अर्थ: बनाना, आकार बनाना, रचना करना, मन में रूपाकृति बनाना

संस्कृत: रूपक्रियायाम्

अंग्रेज़ी: to create a shape, to formulate, to create a mental picture

सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):

  1. रूप धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
  2. रूप धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन · णिजन्त (प्रेरणार्थक)
  3. रूपयत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: रूप + शतृ
  4. रूपयत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: रूप + शतृ

  📘 धातु-रूपावली में सभी लकार

धातुरूप — रूप (चुरादिगण) · अर्थ: बनाना, आकार बनाना, रचना करना, मन में रूपाकृति बनाना (रूपक्रियायाम्)

लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमरूपयतिरूपयतःरूपयन्ति
मध्यमरूपयसिरूपयथःरूपयथ
उत्तमरूपयामिरूपयावःरूपयामः

दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: रूपयति · लट् (आत्मने.): रूपयते · लिट्: रूपयाञ्चकार · लिट् (आत्मने.): रूपयाञ्चक्रे · लुट्: रूपयिता · लुट् (आत्मने.): रूपयिता · लृट्: रूपयिष्यति · लृट् (आत्मने.): रूपयिष्यते · लोट्: रूपयतात् · लोट् (आत्मने.): रूपयताम् · लङ्: अरूपयत् · लङ् (आत्मने.): अरूपयत · विधिलिङ्: रूपयेत् · विधिलिङ् (आत्मने.): रूपयेत · आशीर्लिङ्: रूप्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): रूपयिषीष्ट · लुङ्: अरुरूपत् · लुङ् (आत्मने.): अरुरूपत · लृङ्: अरूपयिष्यत् · लृङ् (आत्मने.): अरूपयिष्यत

प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: रूपण · ण्वुल्: रूपकः · तृच्: रूपयिता · यत्: रूप्यः · तव्य: रूपयितव्यः · अनीयर्: रूपणीयः · क्त: रूपितः · क्तवतु: रूपितवान् · शतृ: रूपयन् · स्य-शतृ: रूपयिष्यन् · शानच्: रूपयमाणः · क्त्वा: रूपयित्वा · ल्यप्: प्ररूप्य · तुमुन्: रूपयितुम् · णमुल्: रूपम् · क्तिन्: रूप्ति · क्वसु: रूपयाम्बभूवान्

🌹 पदपरिचयः स्वचालित

पदम्विवरणम्
रूपयतिरूप धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
अन्य सम्भावना: रूप धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन · णिजन्त (प्रेरणार्थक) | रूपयत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: रूप + शतृ

🌷 पदार्थः कोश-आधारित

रूपयति ➤ बनाना, आकार बनाना, रचना करना, मन में रूपाकृति बनाना
संस्कृत: रूपक्रियायाम्

📚 अमरकोश-सम्बन्धः अमरकोश

इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।

⚙️ व्याकरणम् स्वचालित

❖ सन्धिः

इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।

❖ समासः

कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।

❖ कृदन्तः

कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।

❖ तद्धितान्तः

कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।

विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड

⚑ कोई विश्लेषण गलत लगा? सूचित करें — इससे साधन सुधरता है
यह साधन कैसे काम करता है: सब कुछ इसी वेबसाइट के सर्वर पर होता है — कोई बाहरी API/AI नहीं, आपका श्लोक कहीं भेजा या सहेजा नहीं जाता। पदच्छेद पाणिनीय सन्धि-नियमों के उल्टे प्रयोग से, पदपरिचय लगभग ७.५ लाख शब्द-रूपों व १.२ लाख प्रातिपदिकों के कोश से, अर्थ आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश व अमरकोश से, और अन्वय विभक्ति-क्रम के नियमों से बनता है। स्वचालित होने से कहीं-कहीं विकल्प गलत चुना जा सकता है (हर पद के "अन्य सम्भावना" देखें); श्रीमद्भागवत के श्लोकों पर साइट की जाँची हुई टीका दिखती है।
शब्द-डेटा साभार: ashtadhyayi.com (शब्दरूप, धातुरूप, आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश, अमरकोश) · सूत्र-लिंक: लघुसिद्धान्तकौमुदी।
💬 ज्योतिषीय प्रश्न पूछें