॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: बनाना, आकार बनाना, रचना करना, मन में रूपाकृति बनाना
संस्कृत: रूपक्रियायाम्
अंग्रेज़ी: to create a shape, to formulate, to create a mental picture
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | रूपयति | रूपयतः | रूपयन्ति |
| मध्यम | रूपयसि | रूपयथः | रूपयथ |
| उत्तम | रूपयामि | रूपयावः | रूपयामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: रूपयति · लट् (आत्मने.): रूपयते · लिट्: रूपयाञ्चकार · लिट् (आत्मने.): रूपयाञ्चक्रे · लुट्: रूपयिता · लुट् (आत्मने.): रूपयिता · लृट्: रूपयिष्यति · लृट् (आत्मने.): रूपयिष्यते · लोट्: रूपयतात् · लोट् (आत्मने.): रूपयताम् · लङ्: अरूपयत् · लङ् (आत्मने.): अरूपयत · विधिलिङ्: रूपयेत् · विधिलिङ् (आत्मने.): रूपयेत · आशीर्लिङ्: रूप्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): रूपयिषीष्ट · लुङ्: अरुरूपत् · लुङ् (आत्मने.): अरुरूपत · लृङ्: अरूपयिष्यत् · लृङ् (आत्मने.): अरूपयिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: रूपण · ण्वुल्: रूपकः · तृच्: रूपयिता · यत्: रूप्यः · तव्य: रूपयितव्यः · अनीयर्: रूपणीयः · क्त: रूपितः · क्तवतु: रूपितवान् · शतृ: रूपयन् · स्य-शतृ: रूपयिष्यन् · शानच्: रूपयमाणः · क्त्वा: रूपयित्वा · ल्यप्: प्ररूप्य · तुमुन्: रूपयितुम् · णमुल्: रूपम् · क्तिन्: रूप्ति · क्वसु: रूपयाम्बभूवान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| रूपयति | रूप धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: रूप धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन · णिजन्त (प्रेरणार्थक) | रूपयत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: रूप + शतृ |
रूपयति ➤ बनाना, आकार बनाना, रचना करना, मन में रूपाकृति बनाना
संस्कृत: रूपक्रियायाम्
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड