॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: बीज से उत्पन्न होना, बीज का उगाना, जन्म होना, जन्मा लेना
संस्कृत: बीजजन्मनि प्रादुर्भावे च
अंग्रेज़ी: to grow from seed,to manifest, to rise,to ascend, to take birth, to be born
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | रोहति | रोहतः | रोहन्ति |
| मध्यम | रोहसि | रोहथः | रोहथ |
| उत्तम | रोहामि | रोहावः | रोहामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: रोहति · लिट्: रुरोह · लुट्: रोढा · लृट्: रोक्ष्यति · लोट्: रोहतात् · लङ्: अरोहत् · विधिलिङ्: रोहेत् · आशीर्लिङ्: रुह्यात् · लुङ्: अरुक्षत् · लृङ्: अरोक्ष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: रोहण · ण्वुल्: रोहकः · तृच्: रोढा · ण्यत्: रोह्यः · तव्य: रोढव्यः · अनीयर्: रोहणीयः · क्त: रूढः · क्तवतु: रूढवान् · शतृ: रोहन् · स्य-शतृ: रोक्ष्यन् · क्त्वा: रूढ्वा · ल्यप्: प्ररुह्य · तुमुन्: रोढुम् · णमुल्: रोहम् · घञ्: रोहः · क्तिन्: रूढि · क्वसु: रुरुह्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| रोहति | रुह् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: रोहता (स्त्री.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · तद्धित: रोह + तल् (भाववाचक) | रोहत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: रुह् + शतृ |
रोहति ➤ बीज से उत्पन्न होना, बीज का उगाना, जन्म होना, जन्मा लेना
संस्कृत: बीजजन्मनि प्रादुर्भावे च
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.४ सेकण्ड