॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: सुखी होना, आनन्द करना, सेवा करना, प्रेम करना, जाना
संस्कृत: सुखसेवनयोः
अंग्रेज़ी: to be happy, to rejoice, to serve, to love to go
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | वातयति | वातयतः | वातयन्ति |
| मध्यम | वातयसि | वातयथः | वातयथ |
| उत्तम | वातयामि | वातयावः | वातयामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: वातयति · लट् (आत्मने.): वातयते · लिट्: वातयाञ्चकार · लिट् (आत्मने.): वातयाञ्चक्रे · लुट्: वातयिता · लुट् (आत्मने.): वातयिता · लृट्: वातयिष्यति · लृट् (आत्मने.): वातयिष्यते · लोट्: वातयतात् · लोट् (आत्मने.): वातयताम् · लङ्: अवातयत् · लङ् (आत्मने.): अवातयत · विधिलिङ्: वातयेत् · विधिलिङ् (आत्मने.): वातयेत · आशीर्लिङ्: वात्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): वातयिषीष्ट · लुङ्: अववातत् · लुङ् (आत्मने.): अववातत · लृङ्: अवातयिष्यत् · लृङ् (आत्मने.): अवातयिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: वातन · ण्वुल्: वातकः · तृच्: वातयिता · यत्: वात्यः · तव्य: वातयितव्यः · अनीयर्: वातनीयः · क्त: वातितः · क्तवतु: वातितवान् · शतृ: वातयन् · स्य-शतृ: वातयिष्यन् · शानच्: वातयमानः · क्त्वा: वातयित्वा · ल्यप्: प्रवात्य · तुमुन्: वातयितुम् · णमुल्: वातम् · क्तिन्: वात्ति · क्वसु: वातयाम्बभूवान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| वातयति | वात धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: वात धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन · णिजन्त (प्रेरणार्थक) | वातयत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: वात + शतृ |
वातयति ➤ सुखी होना, आनन्द करना, सेवा करना, प्रेम करना, जाना
संस्कृत: सुखसेवनयोः
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.५ सेकण्ड