॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: ठगना, फ़साना
संस्कृत: व्याजीकरणे
अंग्रेज़ी: to deceive,to cheat
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | विचति | विचतः | विचन्ति |
| मध्यम | विचसि | विचथः | विचथ |
| उत्तम | विचामि | विचावः | विचामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: विचति · लिट्: विव्याच · लुट्: व्यचिता · लृट्: व्यचिष्यति · लोट्: विचतात् · लङ्: अविचत् · विधिलिङ्: विचेत् · आशीर्लिङ्: विच्यात् · लुङ्: अव्यचीत् · लृङ्: अव्यचिष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: विचन · ण्वुल्: व्याचकः · तृच्: विचिता · ण्यत्: व्याच्यः · तव्य: विचितव्यः · अनीयर्: विचनीयः · क्त: विचितः · क्तवतु: विचितवान् · शतृ: विचन् · स्य-शतृ: व्यचिष्यन् · क्त्वा: विचित्वा · ल्यप्: प्रविच्य · तुमुन्: विचितुम् · णमुल्: व्याचम् · घञ्: व्याकः · क्तिन्: विक्ति · क्वसु: विविच्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| विचति | व्यच् धातु (तुदादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: विचत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: व्यच् + शतृ | विचता (स्त्री.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: व्यच् + अच् · तद्धित: विच + तल् (भाववाचक) |
विचति ➤ ठगना, फ़साना
संस्कृत: व्याजीकरणे
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड