॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: उपयोग न होने से अलग करना या निकाल देना
संस्कृत: विप्रयोगे
अंग्रेज़ी: to remove, to throw away, to separate the undesired part
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | विष्णाति | विष्णीतः | विष्णन्ति |
| मध्यम | विष्णासि | विष्णीथः | विष्णीथ |
| उत्तम | विष्णामि | विष्णीवः | विष्णीमः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: विष्णाति · लिट्: विवेष · लुट्: वेष्टा · लृट्: वेक्ष्यति · लोट्: विष्णातु · लङ्: अविष्णात् · विधिलिङ्: विष्णीयात् · आशीर्लिङ्: विष्यात् · लुङ्: अविक्षत् · लृङ्: अवेक्ष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: वेषण · ण्वुल्: वेषकः · तृच्: वेष्टा · ण्यत्: वेष्यः · तव्य: वेष्टव्यः · अनीयर्: वेषणीयः · क्त: विष्टः · क्तवतु: विष्टवान् · शतृ: विष्णन् · स्य-शतृ: वेक्ष्यन् · क्त्वा: विष्ट्वा · ल्यप्: प्रविष्य · तुमुन्: वेष्टुम् · णमुल्: वेषम् · घञ्: वेषः · क्तिन्: विष्टि · क्वसु: विविष्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| विष्णाति | विष् धातु (क्र्यादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन |
विष्णाति ➤ उपयोग न होने से अलग करना या निकाल देना
संस्कृत: विप्रयोगे
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.३ सेकण्ड