॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: छोड़ना, वर्जित करना
संस्कृत: वर्जने
अंग्रेज़ी: to avoid,to abandon, to leave
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, आत्मनेपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | वृक्ते | वृजाते | वृजते |
| मध्यम | वृक्षे | वृजाथे | वृग्ध्वे |
| उत्तम | वृजे | वृज्वहे | वृज्महे |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट् (आत्मने.): वृक्ते · लिट् (आत्मने.): ववृजे · लुट् (आत्मने.): वर्जिता · लृट् (आत्मने.): वर्जिष्यते · लोट् (आत्मने.): वृक्ताम् · लङ् (आत्मने.): अवृक्त · विधिलिङ् (आत्मने.): वृजीत · आशीर्लिङ् (आत्मने.): वर्जिषीष्ट · लुङ् (आत्मने.): अवर्जिष्ट · लृङ् (आत्मने.): अवर्जिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: वर्जन · ण्वुल्: वर्जकः · तृच्: वर्जिता · तव्य: वर्जितव्यः · अनीयर्: वर्जनीयः · क्त: वृक्तः · क्तवतु: वृक्तवान् · शानच्: वृजानः · क्त्वा: वर्जित्वा · ल्यप्: प्रवृज्य · तुमुन्: वर्जितुम् · णमुल्: वर्जम् · घञ्: वर्गः · क्तिन्: वृक्ति · क्वसु: ववृज्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| वृक्ते | वृज् धातु (अदादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: वृक्त (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: वृज् + क्त | वृक्त (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: वृज् + क्त |
वृक्ते ➤ छोड़ना, वर्जित करना
संस्कृत: वर्जने
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड