🕉️ 28 October 2026, Wednesday · 07:39:29 PM · CDSHARMA.IN

🕉️ श्लोकार्थ-बोधिनी

॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण

मार्जयतु

लम्बा गद्य (४००० अक्षर तक) भी लिख सकते हैं — वाक्य-वार विश्लेषण होगा। एक शब्द लिखने पर उसका अर्थ, सभी सम्भावित रूप, और पूरी शब्दरूप/धातुरूप तालिका दिखेगी।

🔎 पहचाना गया: एक शब्द

🔔 मूलशब्दः

वृणीते

🌸 पदच्छेदः स्वचालित

वृणीते

"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद

📖 शब्दकोशः — शब्द का पूर्ण परिचय कोश-आधारित

वृणीते

अर्थ: पसन्द करना, स्वीकार करना

संस्कृत: वरणे

अंग्रेज़ी: to marry, to accept, to own, to choose

सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):

  1. वॄ धातु (क्र्यादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
  2. वृ धातु (क्र्यादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन

  📘 धातु-रूपावली में सभी लकार

धातुरूप — वॄ (क्र्यादिगण) · अर्थ: पसन्द करना, स्वीकार करना (वरणे)

लट् लकार, आत्मनेपद (कर्तरि):

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमवृणीतेवृणातेवृणते
मध्यमवृणीषेवृणाथेवृणीध्वे
उत्तमवृणेवृणीवहेवृणीमहे

दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: वृणाति · लट् (आत्मने.): वृणीते · लिट्: ववार · लिट् (आत्मने.): ववरे · लुट्: वरिता · लुट् (आत्मने.): वरिता · लृट्: वरिष्यति · लृट् (आत्मने.): वरिष्यते · लोट्: वृणातु · लोट् (आत्मने.): वृणीताम् · लङ्: अवृणात् · लङ् (आत्मने.): अवृणीत · विधिलिङ्: वृणीयात् · विधिलिङ् (आत्मने.): वृणीत · आशीर्लिङ्: वूर्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): वरिषीष्ट · लुङ्: अवारीत् · लुङ् (आत्मने.): अवरिष्ट · लृङ्: अवरिष्यत् · लृङ् (आत्मने.): अवरिष्यत

प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: वरण · ण्वुल्: वारकः · तृच्: वरीता · ण्यत्: वार्यः · तव्य: वरीतव्यः · अनीयर्: वरणीयः · क्त: वूर्णः · क्तवतु: वूर्णवान् · शतृ: वृणन् · स्य-शतृ: वरीष्यन् · शानच्: वृणानः · क्त्वा: वूर्त्वा · ल्यप्: प्रवूर्य · तुमुन्: वरीतुम् · णमुल्: वारम् · क्तिन्: वूर्णि · क्वसु: वुवूर्वान्

🌹 पदपरिचयः स्वचालित

पदम्विवरणम्
वृणीतेवॄ धातु (क्र्यादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
अन्य सम्भावना: वृ धातु (क्र्यादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन

🌷 पदार्थः कोश-आधारित

वृणीते ➤ पसन्द करना, स्वीकार करना
संस्कृत: वरणे

📚 अमरकोश-सम्बन्धः अमरकोश

इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।

⚙️ व्याकरणम् स्वचालित

❖ सन्धिः

इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।

❖ समासः

कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।

❖ कृदन्तः

कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।

❖ तद्धितान्तः

कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।

विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड

⚑ कोई विश्लेषण गलत लगा? सूचित करें — इससे साधन सुधरता है
यह साधन कैसे काम करता है: सब कुछ इसी वेबसाइट के सर्वर पर होता है — कोई बाहरी API/AI नहीं, आपका श्लोक कहीं भेजा या सहेजा नहीं जाता। पदच्छेद पाणिनीय सन्धि-नियमों के उल्टे प्रयोग से, पदपरिचय लगभग ७.५ लाख शब्द-रूपों व १.२ लाख प्रातिपदिकों के कोश से, अर्थ आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश व अमरकोश से, और अन्वय विभक्ति-क्रम के नियमों से बनता है। स्वचालित होने से कहीं-कहीं विकल्प गलत चुना जा सकता है (हर पद के "अन्य सम्भावना" देखें); श्रीमद्भागवत के श्लोकों पर साइट की जाँची हुई टीका दिखती है।
शब्द-डेटा साभार: ashtadhyayi.com (शब्दरूप, धातुरूप, आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश, अमरकोश) · सूत्र-लिंक: लघुसिद्धान्तकौमुदी।
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