🕉️ 28 October 2026, Wednesday · 07:40:07 PM · CDSHARMA.IN

🕉️ श्लोकार्थ-बोधिनी

॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण

मार्जयतु

लम्बा गद्य (४००० अक्षर तक) भी लिख सकते हैं — वाक्य-वार विश्लेषण होगा। एक शब्द लिखने पर उसका अर्थ, सभी सम्भावित रूप, और पूरी शब्दरूप/धातुरूप तालिका दिखेगी।

🔎 पहचाना गया: एक शब्द

🔔 मूलशब्दः

शब्दयति

🌸 पदच्छेदः स्वचालित

शब्दयति

"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद

📖 शब्दकोशः — शब्द का पूर्ण परिचय कोश-आधारित

शब्दयति

अर्थ: शब्द करना, भाषण करना, प्रकट करना

संस्कृत: आविष्कारे, भषणे

अंग्रेज़ी: to utter, to sound, to explain

सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):

  1. शब्द् धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
  2. शब्द् धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन · णिजन्त (प्रेरणार्थक)
  3. शब्दयत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: शब्द् + शतृ
  4. शब्दयत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: शब्द् + शतृ

  📘 धातु-रूपावली में सभी लकार

धातुरूप — शब्द् (चुरादिगण) · अर्थ: शब्द करना, भाषण करना, प्रकट करना (आविष्कारे, भषणे)

लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमशब्दयतिशब्दयतःशब्दयन्ति
मध्यमशब्दयसिशब्दयथःशब्दयथ
उत्तमशब्दयामिशब्दयावःशब्दयामः

दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: शब्दयति · लट् (आत्मने.): शब्दयते · लिट्: शब्दयाञ्चकार · लिट् (आत्मने.): शब्दयाञ्चक्रे · लुट्: शब्दयिता · लुट् (आत्मने.): शब्दयिता · लृट्: शब्दयिष्यति · लृट् (आत्मने.): शब्दयिष्यते · लोट्: शब्दयतात् · लोट् (आत्मने.): शब्दयताम् · लङ्: अशब्दयत् · लङ् (आत्मने.): अशब्दयत · विधिलिङ्: शब्दयेत् · विधिलिङ् (आत्मने.): शब्दयेत · आशीर्लिङ्: शब्द्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): शब्दयिषीष्ट · लुङ्: अशशब्दत् · लुङ् (आत्मने.): अशशब्दत · लृङ्: अशब्दयिष्यत् · लृङ् (आत्मने.): अशब्दयिष्यत

प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: शब्दन · ण्वुल्: शब्दकः · तृच्: शब्दयिता · यत्: शब्द्यः · तव्य: शब्दयितव्यः · अनीयर्: शब्दनीयः · क्त: शब्दितः · क्तवतु: शब्दितवान् · शतृ: शब्दयन् · स्य-शतृ: शब्दयिष्यन् · शानच्: शब्दयमानः · क्त्वा: शब्दयित्वा · ल्यप्: प्रशब्द्य · तुमुन्: शब्दयितुम् · णमुल्: शब्दम् · क्तिन्: शप्ति · क्वसु: शब्दयाम्बभूवान्

🌹 पदपरिचयः स्वचालित

पदम्विवरणम्
शब्दयतिशब्द् धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
अन्य सम्भावना: शब्द् धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन · णिजन्त (प्रेरणार्थक) | शब्दयत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: शब्द् + शतृ

🌷 पदार्थः कोश-आधारित

शब्दयति ➤ शब्द करना, भाषण करना, प्रकट करना
संस्कृत: आविष्कारे, भषणे

📚 अमरकोश-सम्बन्धः अमरकोश

इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।

⚙️ व्याकरणम् स्वचालित

❖ सन्धिः

इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।

❖ समासः

कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।

❖ कृदन्तः

कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।

❖ तद्धितान्तः

कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।

विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड

⚑ कोई विश्लेषण गलत लगा? सूचित करें — इससे साधन सुधरता है
यह साधन कैसे काम करता है: सब कुछ इसी वेबसाइट के सर्वर पर होता है — कोई बाहरी API/AI नहीं, आपका श्लोक कहीं भेजा या सहेजा नहीं जाता। पदच्छेद पाणिनीय सन्धि-नियमों के उल्टे प्रयोग से, पदपरिचय लगभग ७.५ लाख शब्द-रूपों व १.२ लाख प्रातिपदिकों के कोश से, अर्थ आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश व अमरकोश से, और अन्वय विभक्ति-क्रम के नियमों से बनता है। स्वचालित होने से कहीं-कहीं विकल्प गलत चुना जा सकता है (हर पद के "अन्य सम्भावना" देखें); श्रीमद्भागवत के श्लोकों पर साइट की जाँची हुई टीका दिखती है।
शब्द-डेटा साभार: ashtadhyayi.com (शब्दरूप, धातुरूप, आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश, अमरकोश) · सूत्र-लिंक: लघुसिद्धान्तकौमुदी।
💬 ज्योतिषीय प्रश्न पूछें