॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: ढेर करना, बटोरना, एकत्र करना, जोड़ना
संस्कृत: सम्बन्धने
अंग्रेज़ी: to join, to articulate
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | शम्बयति | शम्बयतः | शम्बयन्ति |
| मध्यम | शम्बयसि | शम्बयथः | शम्बयथ |
| उत्तम | शम्बयामि | शम्बयावः | शम्बयामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: शम्बयति · लट् (आत्मने.): शम्बयते · लिट्: शम्बयाञ्चकार · लिट् (आत्मने.): शम्बयाञ्चक्रे · लुट्: शम्बयिता · लुट् (आत्मने.): शम्बयिता · लृट्: शम्बयिष्यति · लृट् (आत्मने.): शम्बयिष्यते · लोट्: शम्बयतात् · लोट् (आत्मने.): शम्बयताम् · लङ्: अशम्बयत् · लङ् (आत्मने.): अशम्बयत · विधिलिङ्: शम्बयेत् · विधिलिङ् (आत्मने.): शम्बयेत · आशीर्लिङ्: शम्ब्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): शम्बयिषीष्ट · लुङ्: अशशम्बत् · लुङ् (आत्मने.): अशशम्बत · लृङ्: अशम्बयिष्यत् · लृङ् (आत्मने.): अशम्बयिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: शम्बन · ण्वुल्: शम्बकः · तृच्: शम्बयिता · यत्: शम्ब्यः · तव्य: शम्बयितव्यः · अनीयर्: शम्बनीयः · क्त: शम्बितः · क्तवतु: शम्बितवान् · शतृ: शम्बयन् · स्य-शतृ: शम्बयिष्यन् · शानच्: शम्बयमानः · क्त्वा: शम्बयित्वा · ल्यप्: प्रशम्ब्य · तुमुन्: शम्बयितुम् · णमुल्: शम्बम् · क्तिन्: शम्प्ति · क्वसु: शम्बयाम्बभूवान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| शम्बयति | शम्ब् धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: शम्ब् धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन · णिजन्त (प्रेरणार्थक) | शम्बयत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: शम्ब् + शतृ |
शम्बयति ➤ ढेर करना, बटोरना, एकत्र करना, जोड़ना
संस्कृत: सम्बन्धने
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड