॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: विशेषता बताना, भिन्नता दिखाना, गुण दोष दिखाना
संस्कृत: विशेषणे
अंग्रेज़ी: to distinguish,to criticize, to characterize
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | शिनष्टि | शिंष्टः | शिंषन्ति |
| मध्यम | शिनक्षि | शिंष्ठः | शिंष्ठ |
| उत्तम | शिनष्मि | शिंष्वः | शिंष्मः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: शिनष्टि · लिट्: शिशेष · लुट्: शेष्टा · लृट्: शेक्ष्यति · लोट्: शिंष्टात् · लङ्: अशिनट् · विधिलिङ्: शिंष्यात् · आशीर्लिङ्: शिष्यात् · लुङ्: अशिषत् · लृङ्: अशेक्ष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: शेषण · ण्वुल्: शेषकः · तृच्: शेष्टा · ण्यत्: शेष्यः · तव्य: शेष्टव्यः · अनीयर्: शेषणीयः · क्त: शिष्टः · क्तवतु: शिष्टवान् · शतृ: शिंषन् · स्य-शतृ: शेक्ष्यन् · क्त्वा: शिष्ट्वा · ल्यप्: प्रशिष्य · तुमुन्: शेष्टुम् · णमुल्: शेषम् · घञ्: शेषः · क्तिन्: शिष्टि · क्वसु: शिशिष्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| शिनष्टि | शिष् धातु (रुधादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन |
शिनष्टि ➤ विशेषता बताना, भिन्नता दिखाना, गुण दोष दिखाना
संस्कृत: विशेषणे
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड