॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: जाना
संस्कृत: गतौ
अंग्रेज़ी: to go
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | शुनति | शुनतः | शुनन्ति |
| मध्यम | शुनसि | शुनथः | शुनथ |
| उत्तम | शुनामि | शुनावः | शुनामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: शुनति · लिट्: शुशोन · लुट्: शोनिता · लृट्: शोनिष्यति · लोट्: शुनतात् · लङ्: अशुनत् · विधिलिङ्: शुनेत् · आशीर्लिङ्: शुन्यात् · लुङ्: अशोनीत् · लृङ्: अशोनिष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: शोनन · ण्वुल्: शोनकः · तृच्: शोनिता · ण्यत्: शोन्यः · तव्य: शोनितव्यः · अनीयर्: शोननीयः · क्त: शुनितः · क्तवतु: शुनितवान् · शतृ: शुनन् · स्य-शतृ: शोनिष्यन् · क्त्वा: शुनित्वा · ल्यप्: प्रशुन्य · तुमुन्: शोनितुम् · णमुल्: शोनम् · घञ्: शोनः · क्तिन्: शून्ति · क्वसु: शुशुन्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| शुनति | शुन् धातु (तुदादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: शुनत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: शुन् + शतृ | शुनत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: शुन् + शतृ |
शुनति ➤ जाना
संस्कृत: गतौ
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड