॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: प्रयत्न करना, जाना
संस्कृत: प्रयत्ने
अंग्रेज़ी: to make effort, to try, to set out
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | श्राथयति | श्राथयतः | श्राथयन्ति |
| मध्यम | श्राथयसि | श्राथयथः | श्राथयथ |
| उत्तम | श्राथयामि | श्राथयावः | श्राथयामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: श्राथयति · लट् (आत्मने.): श्राथयते · लिट्: श्राथयाञ्चकार · लिट् (आत्मने.): श्राथयाञ्चक्रे · लुट्: श्राथयिता · लुट् (आत्मने.): श्राथयिता · लृट्: श्राथयिष्यति · लृट् (आत्मने.): श्राथयिष्यते · लोट्: श्राथयतात् · लोट् (आत्मने.): श्राथयताम् · लङ्: अश्राथयत् · लङ् (आत्मने.): अश्राथयत · विधिलिङ्: श्राथयेत् · विधिलिङ् (आत्मने.): श्राथयेत · आशीर्लिङ्: श्राथ्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): श्राथयिषीष्ट · लुङ्: अशिश्रथत् · लुङ् (आत्मने.): अशिश्रथत · लृङ्: अश्राथयिष्यत् · लृङ् (आत्मने.): अश्राथयिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: श्राथन · ण्वुल्: श्राथकः · तृच्: श्राथयिता · यत्: श्राथ्यः · तव्य: श्राथयितव्यः · अनीयर्: श्राथनीयः · क्त: श्राथितः · क्तवतु: श्राथितवान् · शतृ: श्राथयन् · स्य-शतृ: श्राथयिष्यन् · शानच्: श्राथयमानः · क्त्वा: श्राथयित्वा · ल्यप्: प्रश्राथ्य · तुमुन्: श्राथयितुम् · णमुल्: श्राथम् · क्तिन्: श्रात्ति · क्वसु: श्राथयाम्बभूवान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| श्राथयति | श्रथ् धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: श्रथ् धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन · णिजन्त (प्रेरणार्थक) | श्राथयत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: श्रथ् + शतृ |
श्राथयति ➤ प्रयत्न करना, जाना
संस्कृत: प्रयत्ने
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.३ सेकण्ड