॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: तपश्चर्या करना, व्रत करना, थकना, दुःखित होना
संस्कृत: तपसि खेदे च
अंग्रेज़ी: to do penance, to be fatigued, to be tired
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | श्राम्यति | श्राम्यतः | श्राम्यन्ति |
| मध्यम | श्राम्यसि | श्राम्यथः | श्राम्यथ |
| उत्तम | श्राम्यामि | श्राम्यावः | श्राम्यामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: श्राम्यति · लिट्: शश्राम · लुट्: श्रमिता · लृट्: श्रमिष्यति · लोट्: श्राम्यतात् · लङ्: अश्राम्यत् · विधिलिङ्: श्राम्येत् · आशीर्लिङ्: श्रम्यात् · लुङ्: अश्रमत् · लृङ्: अश्रमिष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: श्रमण · ण्वुल्: श्रमकः · तृच्: श्रमिता · यत्: श्रम्यः · तव्य: श्रमितव्यः · अनीयर्: श्रमणीयः · क्त: श्रान्तः · क्तवतु: श्रान्तवान् · शतृ: श्राम्यन् · स्य-शतृ: श्रमिष्यन् · क्त्वा: श्रान्त्वा · ल्यप्: प्रश्रम्य · तुमुन्: श्रमितुम् · णमुल्: श्रमम् · घञ्: श्रमः · क्तिन्: श्रान्ति · क्वसु: शश्रण्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| श्राम्यति | श्रम् धातु (दिवादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: श्राम्यत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: श्रम् + शतृ | श्राम्यत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: श्रम् + शतृ |
श्राम्यति ➤ तपश्चर्या करना, व्रत करना, थकना, दुःखित होना
संस्कृत: तपसि खेदे च
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.३ सेकण्ड