॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: पकाना
संस्कृत: पाके
अंग्रेज़ी: to cook
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | श्रीणाति | श्रीणीतः | श्रीणन्ति |
| मध्यम | श्रीणासि | श्रीणीथः | श्रीणीथ |
| उत्तम | श्रीणामि | श्रीणीवः | श्रीणीमः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: श्रीणाति · लट् (आत्मने.): श्रीणीते · लिट्: शिश्राय · लिट् (आत्मने.): शिश्रिये · लुट्: श्रेता · लुट् (आत्मने.): श्रेता · लृट्: श्रेष्यति · लृट् (आत्मने.): श्रेष्यते · लोट्: श्रीणातु · लोट् (आत्मने.): श्रीणीताम् · लङ्: अश्रीणात् · लङ् (आत्मने.): अश्रीणीत · विधिलिङ्: श्रीणीयात् · विधिलिङ् (आत्मने.): श्रीणीत · आशीर्लिङ्: श्रीयात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): श्रेषीष्ट · लुङ्: अश्रैषीत् · लुङ् (आत्मने.): अश्रेष्ट · लृङ्: अश्रेष्यत् · लृङ् (आत्मने.): अश्रेष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: श्रयण · ण्वुल्: श्रायकः · तृच्: श्रेता · यत्: श्रेयः · तव्य: श्रेतव्यः · अनीयर्: श्रयणीयः · क्त: श्रीतः · क्तवतु: श्रीतवान् · शतृ: श्रीणन् · स्य-शतृ: श्रेष्यन् · शानच्: श्रीणानः · क्त्वा: श्रीत्वा · ल्यप्: प्रश्रीय · तुमुन्: श्रेतुम् · णमुल्: श्रायम् · क्तिन्: श्रीति · क्वसु: शिश्रीवान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| श्रीणाति | श्री धातु (क्र्यादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: श्रीणाता (स्त्री.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · तद्धित: श्रीणा + तल् (भाववाचक) |
श्रीणाति ➤ पकाना
संस्कृत: पाके
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.३ सेकण्ड