🕉️ 28 October 2026, Wednesday · 06:36:52 PM · CDSHARMA.IN

📘 धातु-रूपावली

२२००+ धातुओं के दसों लकारों के रूप, कर्मणि-भावे प्रयोग व कृदन्त — धातु, क्रिया-रूप (गच्छति, अकरोत्) या अर्थ (जाना, read) से खोजें

श्री (श्रीञ्)

क्र्यादिगण · उभयपदी · धातुपाठ 09.0003
धात्वर्थ: पाके — पकाना (to cook)

लट् लकार वर्तमान काल

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमश्रीणातिश्रीणीतःश्रीणन्ति
मध्यमश्रीणासिश्रीणीथःश्रीणीथ
उत्तमश्रीणामिश्रीणीवःश्रीणीमः

लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमश्रीणातु / श्रीणीतात् / श्रीणीताद्श्रीणीताम्श्रीणन्तु
मध्यमश्रीणीतात् / श्रीणीताद् / श्रीणीहिश्रीणीतम्श्रीणीत
उत्तमश्रीणानिश्रीणावश्रीणाम

लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमअश्रीणात् / अश्रीणाद्अश्रीणीताम्अश्रीणन्
मध्यमअश्रीणाःअश्रीणीतम्अश्रीणीत
उत्तमअश्रीणाम्अश्रीणीवअश्रीणीम

विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमश्रीणीयात् / श्रीणीयाद्श्रीणीयाताम्श्रीणीयुः
मध्यमश्रीणीयाःश्रीणीयातम्श्रीणीयात
उत्तमश्रीणीयाम्श्रीणीयावश्रीणीयाम

लृट् लकार सामान्य भविष्यत्

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमश्रेष्यतिश्रेष्यतःश्रेष्यन्ति
मध्यमश्रेष्यसिश्रेष्यथःश्रेष्यथ
उत्तमश्रेष्यामिश्रेष्यावःश्रेष्यामः

लुट् लकार अनद्यतन भविष्यत्

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमश्रेताश्रेतारौश्रेतारः
मध्यमश्रेतासिश्रेतास्थःश्रेतास्थ
उत्तमश्रेतास्मिश्रेतास्वःश्रेतास्मः

लिट् लकार परोक्ष भूतकाल

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमशिश्रायशिश्रियतुःशिश्रियुः
मध्यमशिश्रयिथ / शिश्रेथशिश्रियथुःशिश्रिय
उत्तमशिश्रय / शिश्रायशिश्रियिवशिश्रियिम

लुङ् लकार सामान्य भूतकाल

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमअश्रैषीत् / अश्रैषीद्अश्रैष्टाम्अश्रैषुः
मध्यमअश्रैषीःअश्रैष्टम्अश्रैष्ट
उत्तमअश्रैषम्अश्रैष्वअश्रैष्म

आशीर्लिङ् लकार आशीर्वाद

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमश्रीयात् / श्रीयाद्श्रीयास्ताम्श्रीयासुः
मध्यमश्रीयाःश्रीयास्तम्श्रीयास्त
उत्तमश्रीयासम्श्रीयास्वश्रीयास्म

लृङ् लकार क्रियातिपत्ति (हेतुहेतुमद्भूत)

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमअश्रेष्यत् / अश्रेष्यद्अश्रेष्यताम्अश्रेष्यन्
मध्यमअश्रेष्यःअश्रेष्यतम्अश्रेष्यत
उत्तमअश्रेष्यम्अश्रेष्यावअश्रेष्याम

ⓘ धातुपाठ व धातुरूप-डेटा साभार: ashtadhyayi.com (मुक्त डेटा)। कुछ धातुओं के वैकल्पिक/वैदिक रूप "/" से दिखाये गये हैं। शब्दों के रूप हेतु शब्द-रूपावली, श्लोक-विश्लेषण हेतु श्लोकार्थ-बोधिनी।

💬 ज्योतिषीय प्रश्न पूछें