🕉️ 28 October 2026, Wednesday · 07:37:29 PM · CDSHARMA.IN

🕉️ श्लोकार्थ-बोधिनी

॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण

मार्जयतु

लम्बा गद्य (४००० अक्षर तक) भी लिख सकते हैं — वाक्य-वार विश्लेषण होगा। एक शब्द लिखने पर उसका अर्थ, सभी सम्भावित रूप, और पूरी शब्दरूप/धातुरूप तालिका दिखेगी।

🔎 पहचाना गया: एक शब्द

🔔 मूलशब्दः

सचति

🌸 पदच्छेदः स्वचालित

सचति

"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद

📖 शब्दकोशः — शब्द का पूर्ण परिचय कोश-आधारित

सचति

अर्थ: अच्छी तरह से समझना, संबंधी होना, संसर्गी होना

संस्कृत: समवाये

अंग्रेज़ी: to understand clearly, to be related, to be connected, to carry germs

सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):

  1. सच् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
  2. सचता (स्त्री.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · तद्धित: सच + तल् (भाववाचक)
  3. सचत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: सच् + शतृ
  4. सचत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: सच् + शतृ

  📘 धातु-रूपावली में सभी लकार

धातुरूप — सच् (भ्वादिगण) · अर्थ: अच्छी तरह से समझना, संबंधी होना, संसर्गी होना (समवाये)

लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमसचतिसचतःसचन्ति
मध्यमसचसिसचथःसचथ
उत्तमसचामिसचावःसचामः

दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: सचति · लट् (आत्मने.): सचते · लिट्: ससाच · लिट् (आत्मने.): सेचे · लुट्: सचिता · लुट् (आत्मने.): सचिता · लृट्: सचिष्यति · लृट् (आत्मने.): सचिष्यते · लोट्: सचतात् · लोट् (आत्मने.): सचताम् · लङ्: असचत् · लङ् (आत्मने.): असचत · विधिलिङ्: सचेत् · विधिलिङ् (आत्मने.): सचेत · आशीर्लिङ्: सच्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): सचिषीष्ट · लुङ्: असचीत् · लुङ् (आत्मने.): असचिष्ट · लृङ्: असचिष्यत् · लृङ् (आत्मने.): असचिष्यत

प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: सचन · ण्वुल्: साचकः · तृच्: सचिता · ण्यत्: साच्यः · तव्य: सचितव्यः · अनीयर्: सचनीयः · क्त: सचितः · क्तवतु: सचितवान् · शतृ: सचन् · स्य-शतृ: सचिष्यन् · शानच्: सचमानः · क्त्वा: सचित्वा · ल्यप्: प्रसच्य · तुमुन्: सचितुम् · णमुल्: साचम् · घञ्: साकः · क्तिन्: सक्ति · क्वसु: सेचिवान्

🌹 पदपरिचयः स्वचालित

पदम्विवरणम्
सचतिसच् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
अन्य सम्भावना: सचता (स्त्री.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · तद्धित: सच + तल् (भाववाचक) | सचत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: सच् + शतृ

🌷 पदार्थः कोश-आधारित

सचति ➤ अच्छी तरह से समझना, संबंधी होना, संसर्गी होना
संस्कृत: समवाये

📚 अमरकोश-सम्बन्धः अमरकोश

इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।

⚙️ व्याकरणम् स्वचालित

❖ सन्धिः

इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।

❖ समासः

कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।

❖ कृदन्तः

कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।

❖ तद्धितान्तः

कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।

विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड

⚑ कोई विश्लेषण गलत लगा? सूचित करें — इससे साधन सुधरता है
यह साधन कैसे काम करता है: सब कुछ इसी वेबसाइट के सर्वर पर होता है — कोई बाहरी API/AI नहीं, आपका श्लोक कहीं भेजा या सहेजा नहीं जाता। पदच्छेद पाणिनीय सन्धि-नियमों के उल्टे प्रयोग से, पदपरिचय लगभग ७.५ लाख शब्द-रूपों व १.२ लाख प्रातिपदिकों के कोश से, अर्थ आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश व अमरकोश से, और अन्वय विभक्ति-क्रम के नियमों से बनता है। स्वचालित होने से कहीं-कहीं विकल्प गलत चुना जा सकता है (हर पद के "अन्य सम्भावना" देखें); श्रीमद्भागवत के श्लोकों पर साइट की जाँची हुई टीका दिखती है।
शब्द-डेटा साभार: ashtadhyayi.com (शब्दरूप, धातुरूप, आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश, अमरकोश) · सूत्र-लिंक: लघुसिद्धान्तकौमुदी।
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