॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: अच्छी तरह से समझना, संबंधी होना, संसर्गी होना
संस्कृत: समवाये
अंग्रेज़ी: to understand clearly, to be related, to be connected, to carry germs
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | सचति | सचतः | सचन्ति |
| मध्यम | सचसि | सचथः | सचथ |
| उत्तम | सचामि | सचावः | सचामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: सचति · लट् (आत्मने.): सचते · लिट्: ससाच · लिट् (आत्मने.): सेचे · लुट्: सचिता · लुट् (आत्मने.): सचिता · लृट्: सचिष्यति · लृट् (आत्मने.): सचिष्यते · लोट्: सचतात् · लोट् (आत्मने.): सचताम् · लङ्: असचत् · लङ् (आत्मने.): असचत · विधिलिङ्: सचेत् · विधिलिङ् (आत्मने.): सचेत · आशीर्लिङ्: सच्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): सचिषीष्ट · लुङ्: असचीत् · लुङ् (आत्मने.): असचिष्ट · लृङ्: असचिष्यत् · लृङ् (आत्मने.): असचिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: सचन · ण्वुल्: साचकः · तृच्: सचिता · ण्यत्: साच्यः · तव्य: सचितव्यः · अनीयर्: सचनीयः · क्त: सचितः · क्तवतु: सचितवान् · शतृ: सचन् · स्य-शतृ: सचिष्यन् · शानच्: सचमानः · क्त्वा: सचित्वा · ल्यप्: प्रसच्य · तुमुन्: सचितुम् · णमुल्: साचम् · घञ्: साकः · क्तिन्: सक्ति · क्वसु: सेचिवान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| सचति | सच् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: सचता (स्त्री.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · तद्धित: सच + तल् (भाववाचक) | सचत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: सच् + शतृ |
सचति ➤ अच्छी तरह से समझना, संबंधी होना, संसर्गी होना
संस्कृत: समवाये
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड