॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: सांत्वना देना, समाधान करना, विवेक की बातें करना
संस्कृत: सामप्रयोगे
अंग्रेज़ी: to pacify, to appease, to console
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | सान्त्वयति | सान्त्वयतः | सान्त्वयन्ति |
| मध्यम | सान्त्वयसि | सान्त्वयथः | सान्त्वयथ |
| उत्तम | सान्त्वयामि | सान्त्वयावः | सान्त्वयामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: सान्त्वयति · लट् (आत्मने.): सान्त्वयते · लिट्: सान्त्वयाञ्चकार · लिट् (आत्मने.): सान्त्वयाञ्चक्रे · लुट्: सान्त्वयिता · लुट् (आत्मने.): सान्त्वयिता · लृट्: सान्त्वयिष्यति · लृट् (आत्मने.): सान्त्वयिष्यते · लोट्: सान्त्वयतात् · लोट् (आत्मने.): सान्त्वयताम् · लङ्: असान्त्वयत् · लङ् (आत्मने.): असान्त्वयत · विधिलिङ्: सान्त्वयेत् · विधिलिङ् (आत्मने.): सान्त्वयेत · आशीर्लिङ्: सान्त्व्यात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): सान्त्वयिषीष्ट · लुङ्: अससान्त्वत् · लुङ् (आत्मने.): अससान्त्वत · लृङ्: असान्त्वयिष्यत् · लृङ् (आत्मने.): असान्त्वयिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: सान्त्वन · ण्वुल्: सान्त्वकः · तृच्: सान्त्वयिता · यत्: सान्त्व्यः · तव्य: सान्त्वयितव्यः · अनीयर्: सान्त्वनीयः · क्त: सान्त्वितः · क्तवतु: सान्त्वितवान् · शतृ: सान्त्वयन् · स्य-शतृ: सान्त्वयिष्यन् · शानच्: सान्त्वयमानः · क्त्वा: सान्त्वयित्वा · ल्यप्: प्रसान्त्व्य · तुमुन्: सान्त्वयितुम् · णमुल्: सान्त्वम् · क्तिन्: सान्ति · क्वसु: सान्त्वयाम्बभूवान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| सान्त्वयति | सान्त्व् धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: सान्त्व् धातु (चुरादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन · णिजन्त (प्रेरणार्थक) | सान्त्वयत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: सान्त्व् + शतृ |
सान्त्वयति ➤ सांत्वना देना, समाधान करना, विवेक की बातें करना
संस्कृत: सामप्रयोगे
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.५ सेकण्ड