॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: बांधना, गूंथना, फन्दे से पकड़ना
संस्कृत: बन्धने
अंग्रेज़ी: to tie, to bind, to string, to catch with a stick
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | सिनाति | सिनीतः | सिनन्ति |
| मध्यम | सिनासि | सिनीथः | सिनीथ |
| उत्तम | सिनामि | सिनीवः | सिनीमः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: सिनाति · लट् (आत्मने.): सिनीते · लिट्: सिषाय · लिट् (आत्मने.): सिष्ये · लुट्: सेता · लुट् (आत्मने.): सेता · लृट्: सेष्यति · लृट् (आत्मने.): सेष्यते · लोट्: सिनातु · लोट् (आत्मने.): सिनीताम् · लङ्: असिनात् · लङ् (आत्मने.): असिनीत · विधिलिङ्: सिनीयात् · विधिलिङ् (आत्मने.): सिनीत · आशीर्लिङ्: सीयात् · आशीर्लिङ् (आत्मने.): सेषीष्ट · लुङ्: असैषीत् · लुङ् (आत्मने.): असेष्ट · लृङ्: असेष्यत् · लृङ् (आत्मने.): असेष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: सयन · ण्वुल्: सायकः · तृच्: सेता · यत्: सेयः · तव्य: सेतव्यः · अनीयर्: सयनीयः · क्त: सितः · क्तवतु: सितवान् · शतृ: सिनन् · स्य-शतृ: सेष्यन् · शानच्: सिनानः · क्त्वा: सित्वा · ल्यप्: प्रसित्य · तुमुन्: सेतुम् · णमुल्: सायम् · क्तिन्: सिति · क्वसु: सिषिवान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| सिनाति | सि धातु (क्र्यादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन |
सिनाति ➤ बांधना, गूंथना, फन्दे से पकड़ना
संस्कृत: बन्धने
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड