॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: खाना, निगलना, ग्रहण करना, लेना, अदर्शन होना, नहीं दिखाई देना
संस्कृत: अदने निरसने च
अंग्रेज़ी: to spit, to rinse the mouth
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | स्नस्यति | स्नस्यतः | स्नस्यन्ति |
| मध्यम | स्नस्यसि | स्नस्यथः | स्नस्यथ |
| उत्तम | स्नस्यामि | स्नस्यावः | स्नस्यामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: स्नस्यति · लिट्: सस्नास · लुट्: स्नसिता · लृट्: स्नसिष्यति · लोट्: स्नस्यतात् · लङ्: अस्नस्यत् · विधिलिङ्: स्नस्येत् · आशीर्लिङ्: स्नस्यात् · लुङ्: अस्नसीत् · लृङ्: अस्नसिष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: स्नसन · ण्वुल्: स्नासकः · तृच्: स्नसिता · ण्यत्: स्नास्यः · तव्य: स्नसितव्यः · अनीयर्: स्नसनीयः · क्त: स्नस्तः · क्तवतु: स्नस्तवान् · शतृ: स्नस्यन् · स्य-शतृ: स्नसिष्यन् · क्त्वा: स्नस्त्वा · ल्यप्: प्रस्नस्य · तुमुन्: स्नसितुम् · णमुल्: स्नासम् · घञ्: स्नासः · क्तिन्: स्नस्ति · क्वसु: सस्नस्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| स्नस्यति | स्नस् धातु (दिवादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: स्नस्यत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: स्नस् + शतृ | स्नस्यत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: स्नस् + शतृ |
स्नस्यति ➤ खाना, निगलना, ग्रहण करना, लेना, अदर्शन होना, नहीं दिखाई देना
संस्कृत: अदने निरसने च
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.२ सेकण्ड