🕉️ 28 October 2026, Wednesday · 08:23:18 PM · CDSHARMA.IN

🕉️ श्लोकार्थ-बोधिनी

॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण

मार्जयतु

लम्बा गद्य (४००० अक्षर तक) भी लिख सकते हैं — वाक्य-वार विश्लेषण होगा। एक शब्द लिखने पर उसका अर्थ, सभी सम्भावित रूप, और पूरी शब्दरूप/धातुरूप तालिका दिखेगी।

🔎 पहचाना गया: एक शब्द

🔔 मूलशब्दः

स्फूर्छति

🌸 पदच्छेदः स्वचालित

स्फूर्छति

"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद

📖 शब्दकोशः — शब्द का पूर्ण परिचय कोश-आधारित

स्फूर्छति

अर्थ: विस्तार करना

संस्कृत: विस्तृतौ

अंग्रेज़ी: to expand, to spread

सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):

  1. स्फूर्छ् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
  2. स्फूर्छत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: स्फूर्छ् + शतृ
  3. स्फूर्छत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: स्फूर्छ् + शतृ
  4. स्फूर्छता (स्त्री.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: स्फूर्छ् + घञ् · तद्धित: स्फूर्छ + तल् (भाववाचक)

  📘 धातु-रूपावली में सभी लकार

धातुरूप — स्फूर्छ् (भ्वादिगण) · अर्थ: विस्तार करना (विस्तृतौ)

लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):

पुरुषएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमस्फूर्छतिस्फूर्छतःस्फूर्छन्ति
मध्यमस्फूर्छसिस्फूर्छथःस्फूर्छथ
उत्तमस्फूर्छामिस्फूर्छावःस्फूर्छामः

दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: स्फूर्छति · लिट्: पुस्फूर्छ · लुट्: स्फूर्छिता · लृट्: स्फूर्छिष्यति · लोट्: स्फूर्छतात् · लङ्: अस्फूर्छत् · विधिलिङ्: स्फूर्छेत् · आशीर्लिङ्: स्फूर्छ्यात् · लुङ्: अस्फूर्छीत् · लृङ्: अस्फूर्छिष्यत्

प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: स्फूर्छन · ण्वुल्: स्फूर्छकः · तृच्: स्फूर्छिता · ण्यत्: स्फूर्छ्यः · तव्य: स्फूर्छितव्यः · अनीयर्: स्फूर्छनीयः · क्त: स्फूर्णः · क्तवतु: स्फूर्णवान् · शतृ: स्फूर्छन् · स्य-शतृ: स्फूर्छिष्यन् · क्त्वा: स्फूर्छित्वा · ल्यप्: प्रस्फूर्छ्य · तुमुन्: स्फूर्छितुम् · णमुल्: स्फूर्छम् · घञ्: स्फूर्छः · क्तिन्: स्फूर्ति · क्वसु: पुस्फूर्छ्वान्

🌹 पदपरिचयः स्वचालित

पदम्विवरणम्
स्फूर्छतिस्फूर्छ् धातु (भ्वादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन
अन्य सम्भावना: स्फूर्छत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: स्फूर्छ् + शतृ | स्फूर्छत् (पुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: स्फूर्छ् + शतृ

🌷 पदार्थः कोश-आधारित

स्फूर्छति ➤ विस्तार करना
संस्कृत: विस्तृतौ

📚 अमरकोश-सम्बन्धः अमरकोश

इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।

⚙️ व्याकरणम् स्वचालित

❖ सन्धिः

इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।

❖ समासः

कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।

❖ कृदन्तः

कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।

❖ तद्धितान्तः

कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।

विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड

⚑ कोई विश्लेषण गलत लगा? सूचित करें — इससे साधन सुधरता है
यह साधन कैसे काम करता है: सब कुछ इसी वेबसाइट के सर्वर पर होता है — कोई बाहरी API/AI नहीं, आपका श्लोक कहीं भेजा या सहेजा नहीं जाता। पदच्छेद पाणिनीय सन्धि-नियमों के उल्टे प्रयोग से, पदपरिचय लगभग ७.५ लाख शब्द-रूपों व १.२ लाख प्रातिपदिकों के कोश से, अर्थ आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश व अमरकोश से, और अन्वय विभक्ति-क्रम के नियमों से बनता है। स्वचालित होने से कहीं-कहीं विकल्प गलत चुना जा सकता है (हर पद के "अन्य सम्भावना" देखें); श्रीमद्भागवत के श्लोकों पर साइट की जाँची हुई टीका दिखती है।
शब्द-डेटा साभार: ashtadhyayi.com (शब्दरूप, धातुरूप, आप्टे संस्कृत-हिन्दी कोश, अमरकोश) · सूत्र-लिंक: लघुसिद्धान्तकौमुदी।
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