॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: चिंतन करना, मनन करना, तर्क वितर्क करना, विचार करना
संस्कृत: वितर्के
अंग्रेज़ी: to consider,to think,to sound,to shout
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, आत्मनेपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | स्यामयते | स्यामयेते | स्यामयन्ते |
| मध्यम | स्यामयसे | स्यामयेथे | स्यामयध्वे |
| उत्तम | स्यामये | स्यामयावहे | स्यामयामहे |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट् (आत्मने.): स्यामयते · लिट् (आत्मने.): स्यामयाञ्चक्रे · लुट् (आत्मने.): स्यामयिता · लृट् (आत्मने.): स्यामयिष्यते · लोट् (आत्मने.): स्यामयताम् · लङ् (आत्मने.): अस्यामयत · विधिलिङ् (आत्मने.): स्यामयेत · आशीर्लिङ् (आत्मने.): स्यामयिषीष्ट · लुङ् (आत्मने.): असिस्यमत · लृङ् (आत्मने.): अस्यामयिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: स्यामन · ण्वुल्: स्यामकः · तृच्: स्यामयिता · यत्: स्याम्यः · तव्य: स्यामयितव्यः · अनीयर्: स्यामनीयः · क्त: स्यामितः · क्तवतु: स्यामितवान् · शानच्: स्यामयमानः · क्त्वा: स्यामयित्वा · ल्यप्: प्रस्याम्य · तुमुन्: स्यामयितुम् · णमुल्: स्यामम् · क्तिन्: स्यान्ति · क्वसु: स्यामयाम्बभूवान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| स्यामयते | स्यम् धातु (चुरादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: स्यम् धातु (चुरादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन · णिजन्त (प्रेरणार्थक) |
स्यामयते ➤ चिंतन करना, मनन करना, तर्क वितर्क करना, विचार करना
संस्कृत: वितर्के
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.४ सेकण्ड