॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: घूमना, अनादर होना, अनादर करना
संस्कृत: गत्यनादरयोः
अंग्रेज़ी: to roam, to disrespect, to insult
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, आत्मनेपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | हिण्डते | हिण्डेते | हिण्डन्ते |
| मध्यम | हिण्डसे | हिण्डेथे | हिण्डध्वे |
| उत्तम | हिण्डे | हिण्डावहे | हिण्डामहे |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट् (आत्मने.): हिण्डते · लिट् (आत्मने.): जिहिण्डे · लुट् (आत्मने.): हिण्डिता · लृट् (आत्मने.): हिण्डिष्यते · लोट् (आत्मने.): हिण्डताम् · लङ् (आत्मने.): अहिण्डत · विधिलिङ् (आत्मने.): हिण्डेत · आशीर्लिङ् (आत्मने.): हिण्डिषीष्ट · लुङ् (आत्मने.): अहिण्डिष्ट · लृङ् (आत्मने.): अहिण्डिष्यत
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: हिण्डन · ण्वुल्: हिण्डकः · तृच्: हिण्डिता · ण्यत्: हिण्ड्यः · तव्य: हिण्डितव्यः · अनीयर्: हिण्डनीयः · क्त: हिण्डितः · क्तवतु: हिण्डितवान् · शानच्: हिण्डमानः · क्त्वा: हिण्डित्वा · ल्यप्: प्रहिण्ड्य · तुमुन्: हिण्डितुम् · णमुल्: हिण्डम् · घञ्: हिण्डः · क्तिन्: हिण्टि · क्वसु: जिहिण्ड्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| हिण्डते | हिण्ड् धातु (भ्वादिगण, आत्मनेपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: हिण्डता (स्त्री.) — चतुर्थी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: हिण्ड् + घञ् · तद्धित: हिण्ड + तल् (भाववाचक) | हिण्डता (स्त्री.) — सम्बोधन, एकवचन · कृदन्त: हिण्ड् + घञ् · तद्धित: हिण्ड + तल् (भाववाचक) |
हिण्डते ➤ घूमना, अनादर होना, अनादर करना
संस्कृत: गत्यनादरयोः
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड