॥ श्लोकानां विश्लेषिका ॥ — पदच्छेद, पदपरिचय, पदार्थ, अन्वय, भावार्थ व व्याकरण
"+" = एक ही लिखित शब्द के भीतर सन्धि-विच्छेद · डैश (-) वाले = समास का पूर्वपद
अर्थ: हाव भाव करना, नखरा करना, लीला करना, क्रीड़ा करना
संस्कृत: भावकरणे
अंग्रेज़ी: to act, to show tantrums, to enact
सम्भावित विश्लेषण (सबसे सम्भावित पहले):
लट् लकार, परस्मैपद (कर्तरि):
| पुरुष | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन |
|---|---|---|---|
| प्रथम | हिलति | हिलतः | हिलन्ति |
| मध्यम | हिलसि | हिलथः | हिलथ |
| उत्तम | हिलामि | हिलावः | हिलामः |
दसों लकार (प्रथम पुरुष, एकवचन): लट्: हिलति · लिट्: जिहेल · लुट्: हेलिता · लृट्: हेलिष्यति · लोट्: हिलतात् · लङ्: अहिलत् · विधिलिङ्: हिलेत् · आशीर्लिङ्: हिल्यात् · लुङ्: अहेलीत् · लृङ्: अहेलिष्यत्
प्रमुख कृदन्त: ल्युट्: हेलन · ण्वुल्: हेलकः · तृच्: हेलिता · ण्यत्: हेल्यः · तव्य: हेलितव्यः · अनीयर्: हेलनीयः · क्त: हिलितः · क्तवतु: हिलितवान् · शतृ: हिलन् · स्य-शतृ: हेलिष्यन् · क्त्वा: हिलित्वा · ल्यप्: प्रहिल्य · तुमुन्: हेलितुम् · णमुल्: हेलम् · घञ्: हेलः · क्तिन्: हिल्ति · क्वसु: जिहिल्वान्
| पदम् | विवरणम् |
|---|---|
| हिलति | हिल् धातु (तुदादिगण, परस्मैपद) — लट् लकार, प्रथम पुरुष, एकवचन अन्य सम्भावना: हिलता (स्त्री.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · तद्धित: हिल + तल् (भाववाचक) | हिलत् (नपुं.) — सप्तमी विभक्ति, एकवचन · कृदन्त: हिल् + शतृ |
हिलति ➤ हाव भाव करना, नखरा करना, लीला करना, क्रीड़ा करना
संस्कृत: भावकरणे
इस शब्द के प्रातिपदिक अमरकोश की पर्याय-सूची में नहीं मिले (क्रिया, अव्यय, सर्वनाम व नाम प्रायः अमरकोश में नहीं होते)।
इस श्लोक में शब्दों के भीतर कोई सन्धि नहीं पहचानी गई।
कोई समस्त पद नहीं पहचाना गया (या पूरा सामासिक शब्द कोश में सीधे मिल गया)।
कोई कृदन्त पद नहीं पहचाना गया।
कोई तद्धितान्त पद नहीं पहचाना गया।
विश्लेषण-समय: ०.१ सेकण्ड