२२००+ धातुओं के दसों लकारों के रूप, कर्मणि-भावे प्रयोग व कृदन्त — धातु, क्रिया-रूप (गच्छति, अकरोत् ) या अर्थ (जाना, read ) से खोजें
खन् (खनुँ)
भ्वादिगण · उभयपदी · धातुपाठ 01.1020
धात्वर्थ: अवदारणे — खोदना (to dig)
कर्तरि — परस्मैपद कर्तरि — आत्मनेपद कर्मणि / भावे कृदन्त
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम खनति खनतः खनन्ति मध्यम खनसि खनथः खनथ उत्तम खनामि खनावः खनामः
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम खनतात् / खनताद् / खनतु खनताम् खनन्तु मध्यम खन / खनतात् / खनताद् खनतम् खनत उत्तम खनानि खनाव खनाम
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अखनत् / अखनद् अखनताम् अखनन् मध्यम अखनः अखनतम् अखनत उत्तम अखनम् अखनाव अखनाम
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम खनेत् / खनेद् खनेताम् खनेयुः मध्यम खनेः खनेतम् खनेत उत्तम खनेयम् खनेव खनेम
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम खनिष्यति खनिष्यतः खनिष्यन्ति मध्यम खनिष्यसि खनिष्यथः खनिष्यथ उत्तम खनिष्यामि खनिष्यावः खनिष्यामः
लुट् लकार अनद्यतन भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम खनिता खनितारौ खनितारः मध्यम खनितासि खनितास्थः खनितास्थ उत्तम खनितास्मि खनितास्वः खनितास्मः
लिट् लकार परोक्ष भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम चखान चख्नतुः चख्नुः मध्यम चखनिथ चख्नथुः चख्न उत्तम चखन / चखान चख्निव चख्निम
लुङ् लकार सामान्य भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अखनीत् / अखनीद् / अखानीत् / अखानीद् अखनिष्टाम् / अखानिष्टाम् अखनिषुः / अखानिषुः मध्यम अखनीः / अखानीः अखनिष्टम् / अखानिष्टम् अखनिष्ट / अखानिष्ट उत्तम अखनिषम् / अखानिषम् अखनिष्व / अखानिष्व अखनिष्म / अखानिष्म
आशीर्लिङ् लकार आशीर्वाद
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम खन्यात् / खन्याद् / खायात् / खायाद् खन्यास्ताम् / खायास्ताम् खन्यासुः / खायासुः मध्यम खन्याः / खायाः खन्यास्तम् / खायास्तम् खन्यास्त / खायास्त उत्तम खन्यासम् / खायासम् खन्यास्व / खायास्व खन्यास्म / खायास्म
लृङ् लकार क्रियातिपत्ति (हेतुहेतुमद्भूत)
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अखनिष्यत् / अखनिष्यद् अखनिष्यताम् अखनिष्यन् मध्यम अखनिष्यः अखनिष्यतम् अखनिष्यत उत्तम अखनिष्यम् अखनिष्याव अखनिष्याम
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम खनते खनेते खनन्ते मध्यम खनसे खनेथे खनध्वे उत्तम खने खनावहे खनामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम खनताम् खनेताम् खनन्ताम् मध्यम खनस्व खनेथाम् खनध्वम् उत्तम खनै खनावहै खनामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अखनत अखनेताम् अखनन्त मध्यम अखनथाः अखनेथाम् अखनध्वम् उत्तम अखने अखनावहि अखनामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम खनेत खनेयाताम् खनेरन् मध्यम खनेथाः खनेयाथाम् खनेध्वम् उत्तम खनेय खनेवहि खनेमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम खनिष्यते खनिष्येते खनिष्यन्ते मध्यम खनिष्यसे खनिष्येथे खनिष्यध्वे उत्तम खनिष्ये खनिष्यावहे खनिष्यामहे
लुट् लकार अनद्यतन भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम खनिता खनितारौ खनितारः मध्यम खनितासे खनितासाथे खनिताध्वे उत्तम खनिताहे खनितास्वहे खनितास्महे
लिट् लकार परोक्ष भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम चख्ने चख्नाते चख्निरे मध्यम चख्निषे चख्नाथे चख्निध्वे उत्तम चख्ने चख्निवहे चख्निमहे
लुङ् लकार सामान्य भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अखनिष्ट अखनिषाताम् अखनिषत मध्यम अखनिष्ठाः अखनिषाथाम् अखनिध्वम् उत्तम अखनिषि अखनिष्वहि अखनिष्महि
आशीर्लिङ् लकार आशीर्वाद
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम खनिषीष्ट खनिषीयास्ताम् खनिषीरन् मध्यम खनिषीष्ठाः खनिषीयास्थाम् खनिषीध्वम् उत्तम खनिषीय खनिषीवहि खनिषीमहि
लृङ् लकार क्रियातिपत्ति (हेतुहेतुमद्भूत)
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अखनिष्यत अखनिष्येताम् अखनिष्यन्त मध्यम अखनिष्यथाः अखनिष्येथाम् अखनिष्यध्वम् उत्तम अखनिष्ये अखनिष्यावहि अखनिष्यामहि
कर्मणि प्रयोग में क्रिया कर्म के अनुसार (सकर्मक धातु), भावे प्रयोग में सदा प्रथम पुरुष एकवचन (अकर्मक धातु) — आत्मनेपद के प्रत्यय।
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम खन्यते / खायते खन्येते / खायेते खन्यन्ते / खायन्ते मध्यम खन्यसे / खायसे खन्येथे / खायेथे खन्यध्वे / खायध्वे उत्तम खन्ये / खाये खन्यावहे / खायावहे खन्यामहे / खायामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम खन्यताम् / खायताम् खन्येताम् / खायेताम् खन्यन्ताम् / खायन्ताम् मध्यम खन्यस्व / खायस्व खन्येथाम् / खायेथाम् खन्यध्वम् / खायध्वम् उत्तम खन्यै / खायै खन्यावहै / खायावहै खन्यामहै / खायामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अखन्यत / अखायत अखन्येताम् / अखायेताम् अखन्यन्त / अखायन्त मध्यम अखन्यथाः / अखायथाः अखन्येथाम् / अखायेथाम् अखन्यध्वम् / अखायध्वम् उत्तम अखन्ये / अखाये अखन्यावहि / अखायावहि अखन्यामहि / अखायामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम खन्येत / खायेत खन्येयाताम् / खायेयाताम् खन्येरन् / खायेरन् मध्यम खन्येथाः / खायेथाः खन्येयाथाम् / खायेयाथाम् खन्येध्वम् / खायेध्वम् उत्तम खन्येय / खायेय खन्येवहि / खायेवहि खन्येमहि / खायेमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम खनिष्यते खनिष्येते खनिष्यन्ते मध्यम खनिष्यसे खनिष्येथे खनिष्यध्वे उत्तम खनिष्ये खनिष्यावहे खनिष्यामहे
प्रत्यय प्रयोग / अर्थ प्रातिपदिक / अव्यय पुंलिङ्ग स्त्रीलिङ्ग नपुंसकलिङ्ग
ल्युट् भाववाचक/करणवाचक कृदन्त खनन — — खननम्
ण्वुल् कर्तृवाचक कृदन्त खानक खानकः खानिका खानकम्
तृच् कर्तृवाचक कृदन्त खनितृ खनिता खनित्री खनितृ
तव्य विध्यर्थक कृदन्त (करना चाहिए) खनितव्य खनितव्यः खनितव्या खनितव्यम्
अनीयर् विध्यर्थक कृदन्त खननीय खननीयः खननीया खननीयम्
क्त भूतकालिक कर्मणि कृदन्त (निष्ठा) खात खातः खाता खातम्
क्तवतु भूतकालिक कर्तरि कृदन्त (निष्ठा) खातवत् खातवान् खातवती खातवत् / खातवद्
शतृ वर्तमानकालिक कृदन्त (परस्मैपद) खनत् खनन् खनन्ती खनत् / खनद्
स्य-शतृ भविष्यत्कालिक कृदन्त खनिष्यत् खनिष्यन् खनिष्यती / खनिष्यन्ती खनिष्यत् / खनिष्यद्
शानच् वर्तमानकालिक कृदन्त (आत्मनेपद) खनमान खनमानः खनमाना खनमानम्
क्त्वा पूर्वकालिक अव्यय (करके) खात्वा — — —
ल्यप् पूर्वकालिक अव्यय, उपसर्ग-सहित (करके) प्रखाय — — —
तुमुन् निमित्तार्थक अव्यय (करने के लिए) खनितुम् — — —
णमुल् पूर्वकालिक/आभीक्ष्ण्य अव्यय खानम् — — —
घञ् भाववाचक कृदन्त खान खानः — —
क्तिन् भाववाचक स्त्रीलिङ्ग कृदन्त खाति — खातिः —
क्वसु भूतकालिक (लिट्) कृदन्त चखन्वस् चखन्वान् चखनुषी चखन्वत् / चखन्वद्
इन कृदन्त-प्रातिपदिकों के सम्पूर्ण विभक्ति-रूप शब्द-रूपावली में देखें (जैसे क्त — भूत → पुंलिङ्ग "राम" के समान)।