२२००+ धातुओं के दसों लकारों के रूप, कर्मणि-भावे प्रयोग व कृदन्त — धातु, क्रिया-रूप (गच्छति, अकरोत् ) या अर्थ (जाना, read ) से खोजें
क्षै (क्षै)
भ्वादिगण · परस्मैपदी · धातुपाठ 01.1061
धात्वर्थ: क्षये — नष्ट होना, ह्रास होना, कम होना, म्लान होना (to wane,to decline,to decay,to reduce,to contract, to shrink)
कर्तरि — परस्मैपद कर्मणि / भावे कृदन्त
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम क्षायति क्षायतः क्षायन्ति मध्यम क्षायसि क्षायथः क्षायथ उत्तम क्षायामि क्षायावः क्षायामः
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम क्षायतात् / क्षायताद् / क्षायतु क्षायताम् क्षायन्तु मध्यम क्षाय / क्षायतात् / क्षायताद् क्षायतम् क्षायत उत्तम क्षायाणि क्षायाव क्षायाम
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अक्षायत् / अक्षायद् अक्षायताम् अक्षायन् मध्यम अक्षायः अक्षायतम् अक्षायत उत्तम अक्षायम् अक्षायाव अक्षायाम
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम क्षायेत् / क्षायेद् क्षायेताम् क्षायेयुः मध्यम क्षायेः क्षायेतम् क्षायेत उत्तम क्षायेयम् क्षायेव क्षायेम
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम क्षास्यति क्षास्यतः क्षास्यन्ति मध्यम क्षास्यसि क्षास्यथः क्षास्यथ उत्तम क्षास्यामि क्षास्यावः क्षास्यामः
लुट् लकार अनद्यतन भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम क्षाता क्षातारौ क्षातारः मध्यम क्षातासि क्षातास्थः क्षातास्थ उत्तम क्षातास्मि क्षातास्वः क्षातास्मः
लिट् लकार परोक्ष भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम चक्षौ चक्षतुः चक्षुः मध्यम चक्षाथ / चक्षिथ चक्षथुः चक्ष उत्तम चक्षौ चक्षिव चक्षिम
लुङ् लकार सामान्य भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अक्षासीत् / अक्षासीद् अक्षासिष्टाम् अक्षासिषुः मध्यम अक्षासीः अक्षासिष्टम् अक्षासिष्ट उत्तम अक्षासिषम् अक्षासिष्व अक्षासिष्म
आशीर्लिङ् लकार आशीर्वाद
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम क्षायात् / क्षायाद् / क्षेयात् / क्षेयाद् क्षायास्ताम् / क्षेयास्ताम् क्षायासुः / क्षेयासुः मध्यम क्षायाः / क्षेयाः क्षायास्तम् / क्षेयास्तम् क्षायास्त / क्षेयास्त उत्तम क्षायासम् / क्षेयासम् क्षायास्व / क्षेयास्व क्षायास्म / क्षेयास्म
लृङ् लकार क्रियातिपत्ति (हेतुहेतुमद्भूत)
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अक्षास्यत् / अक्षास्यद् अक्षास्यताम् अक्षास्यन् मध्यम अक्षास्यः अक्षास्यतम् अक्षास्यत उत्तम अक्षास्यम् अक्षास्याव अक्षास्याम
कर्मणि प्रयोग में क्रिया कर्म के अनुसार (सकर्मक धातु), भावे प्रयोग में सदा प्रथम पुरुष एकवचन (अकर्मक धातु) — आत्मनेपद के प्रत्यय।
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम क्षायते क्षायेते क्षायन्ते मध्यम क्षायसे क्षायेथे क्षायध्वे उत्तम क्षाये क्षायावहे क्षायामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम क्षायताम् क्षायेताम् क्षायन्ताम् मध्यम क्षायस्व क्षायेथाम् क्षायध्वम् उत्तम क्षायै क्षायावहै क्षायामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अक्षायत अक्षायेताम् अक्षायन्त मध्यम अक्षायथाः अक्षायेथाम् अक्षायध्वम् उत्तम अक्षाये अक्षायावहि अक्षायामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम क्षायेत क्षायेयाताम् क्षायेरन् मध्यम क्षायेथाः क्षायेयाथाम् क्षायेध्वम् उत्तम क्षायेय क्षायेवहि क्षायेमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम क्षायिष्यते / क्षास्यते क्षायिष्येते / क्षास्येते क्षायिष्यन्ते / क्षास्यन्ते मध्यम क्षायिष्यसे / क्षास्यसे क्षायिष्येथे / क्षास्येथे क्षायिष्यध्वे / क्षास्यध्वे उत्तम क्षायिष्ये / क्षास्ये क्षायिष्यावहे / क्षास्यावहे क्षायिष्यामहे / क्षास्यामहे
प्रत्यय प्रयोग / अर्थ प्रातिपदिक / अव्यय पुंलिङ्ग स्त्रीलिङ्ग नपुंसकलिङ्ग
ल्युट् भाववाचक/करणवाचक कृदन्त क्षाण — — क्षाणम्
ण्वुल् कर्तृवाचक कृदन्त क्षायक क्षायकः क्षायिका क्षायकम्
तृच् कर्तृवाचक कृदन्त क्षातृ क्षाता क्षात्री क्षातृ
यत् विध्यर्थक कृदन्त क्षेय क्षेयः क्षेया क्षेयम्
तव्य विध्यर्थक कृदन्त (करना चाहिए) क्षातव्य क्षातव्यः क्षातव्या क्षातव्यम्
अनीयर् विध्यर्थक कृदन्त क्षाणीय क्षाणीयः क्षाणीया क्षाणीयम्
क्त भूतकालिक कर्मणि कृदन्त (निष्ठा) क्षाम क्षामः क्षामा क्षामम्
क्तवतु भूतकालिक कर्तरि कृदन्त (निष्ठा) क्षामवत् क्षामवान् क्षामवती क्षामवत् / क्षामवद्
शतृ वर्तमानकालिक कृदन्त (परस्मैपद) क्षायत् क्षायन् क्षायन्ती क्षायत् / क्षायद्
स्य-शतृ भविष्यत्कालिक कृदन्त क्षास्यत् क्षास्यन् क्षास्यती / क्षास्यन्ती क्षास्यत् / क्षास्यद्
क्त्वा पूर्वकालिक अव्यय (करके) क्षात्वा — — —
ल्यप् पूर्वकालिक अव्यय, उपसर्ग-सहित (करके) प्रक्षाय — — —
तुमुन् निमित्तार्थक अव्यय (करने के लिए) क्षातुम् — — —
णमुल् पूर्वकालिक/आभीक्ष्ण्य अव्यय क्षायम् — — —
घञ् भाववाचक कृदन्त क्षाय क्षायः — —
क्तिन् भाववाचक स्त्रीलिङ्ग कृदन्त क्षाति — क्षातिः —
क्वसु भूतकालिक (लिट्) कृदन्त चक्षिवस् चक्षिवान् चक्षुषी चक्षिवत् / चक्षिवद्
इन कृदन्त-प्रातिपदिकों के सम्पूर्ण विभक्ति-रूप शब्द-रूपावली में देखें (जैसे क्त — भूत → पुंलिङ्ग "राम" के समान)।