२२००+ धातुओं के दसों लकारों के रूप, कर्मणि-भावे प्रयोग व कृदन्त — धातु, क्रिया-रूप (गच्छति, अकरोत् ) या अर्थ (जाना, read ) से खोजें
गा (गाङ्)
भ्वादिगण · आत्मनेपदी · धातुपाठ 01.1101
धात्वर्थ: गतौ — जाना (to go)
कर्तरि — आत्मनेपद कर्मणि / भावे कृदन्त
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम गाते गाते गाते मध्यम गासे गाथे गाध्वे उत्तम गै गावहे गामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम गाताम् गाताम् गाताम् मध्यम गास्व गाथाम् गाध्वम् उत्तम गै गावहै गामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अगात अगाताम् अगात मध्यम अगाथाः अगाथाम् अगाध्वम् उत्तम अगे अगावहि अगामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम गेत गेयाताम् गेरन् मध्यम गेथाः गेयाथाम् गेध्वम् उत्तम गेय गेवहि गेमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम गास्यते गास्येते गास्यन्ते मध्यम गास्यसे गास्येथे गास्यध्वे उत्तम गास्ये गास्यावहे गास्यामहे
लुट् लकार अनद्यतन भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम गाता गातारौ गातारः मध्यम गातासे गातासाथे गाताध्वे उत्तम गाताहे गातास्वहे गातास्महे
लिट् लकार परोक्ष भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम जगे जगाते जगिरे मध्यम जगिषे जगाथे जगिध्वे उत्तम जगे जगिवहे जगिमहे
लुङ् लकार सामान्य भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अगास्त अगासाताम् अगासत मध्यम अगास्थाः अगासाथाम् अगाध्वम् उत्तम अगासि अगास्वहि अगास्महि
आशीर्लिङ् लकार आशीर्वाद
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम गासीष्ट गासीयास्ताम् गासीरन् मध्यम गासीष्ठाः गासीयास्थाम् गासीध्वम् उत्तम गासीय गासीवहि गासीमहि
लृङ् लकार क्रियातिपत्ति (हेतुहेतुमद्भूत)
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अगास्यत अगास्येताम् अगास्यन्त मध्यम अगास्यथाः अगास्येथाम् अगास्यध्वम् उत्तम अगास्ये अगास्यावहि अगास्यामहि
कर्मणि प्रयोग में क्रिया कर्म के अनुसार (सकर्मक धातु), भावे प्रयोग में सदा प्रथम पुरुष एकवचन (अकर्मक धातु) — आत्मनेपद के प्रत्यय।
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम गीयते गीयेते गीयन्ते मध्यम गीयसे गीयेथे गीयध्वे उत्तम गीये गीयावहे गीयामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम गीयताम् गीयेताम् गीयन्ताम् मध्यम गीयस्व गीयेथाम् गीयध्वम् उत्तम गीयै गीयावहै गीयामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अगीयत अगीयेताम् अगीयन्त मध्यम अगीयथाः अगीयेथाम् अगीयध्वम् उत्तम अगीये अगीयावहि अगीयामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम गीयेत गीयेयाताम् गीयेरन् मध्यम गीयेथाः गीयेयाथाम् गीयेध्वम् उत्तम गीयेय गीयेवहि गीयेमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम गायिष्यते / गास्यते गायिष्येते / गास्येते गायिष्यन्ते / गास्यन्ते मध्यम गायिष्यसे / गास्यसे गायिष्येथे / गास्येथे गायिष्यध्वे / गास्यध्वे उत्तम गायिष्ये / गास्ये गायिष्यावहे / गास्यावहे गायिष्यामहे / गास्यामहे
प्रत्यय प्रयोग / अर्थ प्रातिपदिक / अव्यय पुंलिङ्ग स्त्रीलिङ्ग नपुंसकलिङ्ग
ल्युट् भाववाचक/करणवाचक कृदन्त गान — — गानम्
ण्वुल् कर्तृवाचक कृदन्त गायक गायकः गायिका गायकम्
तृच् कर्तृवाचक कृदन्त गातृ गाता गात्री गातृ
यत् विध्यर्थक कृदन्त गेय गेयः गेया गेयम्
तव्य विध्यर्थक कृदन्त (करना चाहिए) गातव्य गातव्यः गातव्या गातव्यम्
अनीयर् विध्यर्थक कृदन्त गानीय गानीयः गानीया गानीयम्
क्त भूतकालिक कर्मणि कृदन्त (निष्ठा) गीत गीतः गीता गीतम्
क्तवतु भूतकालिक कर्तरि कृदन्त (निष्ठा) गीतवत् गीतवान् गीतवती गीतवत् / गीतवद्
शानच् वर्तमानकालिक कृदन्त (आत्मनेपद) गान गानः गाना गानम्
क्त्वा पूर्वकालिक अव्यय (करके) गीत्वा — — —
ल्यप् पूर्वकालिक अव्यय, उपसर्ग-सहित (करके) प्रगाय — — —
तुमुन् निमित्तार्थक अव्यय (करने के लिए) गातुम् — — —
णमुल् पूर्वकालिक/आभीक्ष्ण्य अव्यय गायम् — — —
घञ् भाववाचक कृदन्त गाय गायः — —
क्तिन् भाववाचक स्त्रीलिङ्ग कृदन्त गीति — गीतिः —
क्वसु भूतकालिक (लिट्) कृदन्त जगिवस् जगिवान् जगुषी जगिवत् / जगिवद्
इन कृदन्त-प्रातिपदिकों के सम्पूर्ण विभक्ति-रूप शब्द-रूपावली में देखें (जैसे क्त — भूत → पुंलिङ्ग "राम" के समान)।