२२००+ धातुओं के दसों लकारों के रूप, कर्मणि-भावे प्रयोग व कृदन्त — धातु, क्रिया-रूप (गच्छति, अकरोत् ) या अर्थ (जाना, read ) से खोजें
उ (उङ्)
भ्वादिगण · आत्मनेपदी · धातुपाठ 01.1102
धात्वर्थ: शब्दे — शब्द करना (to sound)
कर्तरि — आत्मनेपद कर्मणि / भावे कृदन्त
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अवते अवेते अवन्ते मध्यम अवसे अवेथे अवध्वे उत्तम अवे अवावहे अवामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अवताम् अवेताम् अवन्ताम् मध्यम अवस्व अवेथाम् अवध्वम् उत्तम अवै अवावहै अवामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम आवत आवेताम् आवन्त मध्यम आवथाः आवेथाम् आवध्वम् उत्तम आवे आवावहि आवामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम अवेत अवेयाताम् अवेरन् मध्यम अवेथाः अवेयाथाम् अवेध्वम् उत्तम अवेय अवेवहि अवेमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम ओष्यते ओष्येते ओष्यन्ते मध्यम ओष्यसे ओष्येथे ओष्यध्वे उत्तम ओष्ये ओष्यावहे ओष्यामहे
लुट् लकार अनद्यतन भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम ओता ओतारौ ओतारः मध्यम ओतासे ओतासाथे ओताध्वे उत्तम ओताहे ओतास्वहे ओतास्महे
लिट् लकार परोक्ष भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम ऊवे ऊवाते ऊविरे मध्यम ऊविषे ऊवाथे ऊविढ्वे / ऊविध्वे उत्तम ऊवे ऊविवहे ऊविमहे
लुङ् लकार सामान्य भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम औष्ट औषाताम् औषत मध्यम औष्ठाः औषाथाम् औढ्वम् उत्तम औषि औष्वहि औष्महि
आशीर्लिङ् लकार आशीर्वाद
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम ओषीष्ट ओषीयास्ताम् ओषीरन् मध्यम ओषीष्ठाः ओषीयास्थाम् ओषीढ्वम् उत्तम ओषीय ओषीवहि ओषीमहि
लृङ् लकार क्रियातिपत्ति (हेतुहेतुमद्भूत)
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम औष्यत औष्येताम् औष्यन्त मध्यम औष्यथाः औष्येथाम् औष्यध्वम् उत्तम औष्ये औष्यावहि औष्यामहि
कर्मणि प्रयोग में क्रिया कर्म के अनुसार (सकर्मक धातु), भावे प्रयोग में सदा प्रथम पुरुष एकवचन (अकर्मक धातु) — आत्मनेपद के प्रत्यय।
लट् लकार वर्तमान काल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम ऊयते ऊयेते ऊयन्ते मध्यम ऊयसे ऊयेथे ऊयध्वे उत्तम ऊये ऊयावहे ऊयामहे
लोट् लकार आज्ञा / प्रार्थना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम ऊयताम् ऊयेताम् ऊयन्ताम् मध्यम ऊयस्व ऊयेथाम् ऊयध्वम् उत्तम ऊयै ऊयावहै ऊयामहै
लङ् लकार अनद्यतन भूतकाल
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम औयत औयेताम् औयन्त मध्यम औयथाः औयेथाम् औयध्वम् उत्तम औये औयावहि औयामहि
विधिलिङ् लकार विधि / चाहिए / सम्भावना
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम ऊयेत ऊयेयाताम् ऊयेरन् मध्यम ऊयेथाः ऊयेयाथाम् ऊयेध्वम् उत्तम ऊयेय ऊयेवहि ऊयेमहि
लृट् लकार सामान्य भविष्यत्
पुरुष एकवचन द्विवचन बहुवचन
प्रथम आविष्यते / ओष्यते आविष्येते / ओष्येते आविष्यन्ते / ओष्यन्ते मध्यम आविष्यसे / ओष्यसे आविष्येथे / ओष्येथे आविष्यध्वे / ओष्यध्वे उत्तम आविष्ये / ओष्ये आविष्यावहे / ओष्यावहे आविष्यामहे / ओष्यामहे
प्रत्यय प्रयोग / अर्थ प्रातिपदिक / अव्यय पुंलिङ्ग स्त्रीलिङ्ग नपुंसकलिङ्ग
ल्युट् भाववाचक/करणवाचक कृदन्त अवन — — अवनम्
ण्वुल् कर्तृवाचक कृदन्त आवक आवकः आविका आवकम्
तृच् कर्तृवाचक कृदन्त ओतृ ओता ओत्री ओतृ
यत् विध्यर्थक कृदन्त अव्य अव्यः अव्या अव्यम्
ण्यत् विध्यर्थक कृदन्त आव्य आव्यः आव्या आव्यम्
तव्य विध्यर्थक कृदन्त (करना चाहिए) ओतव्य ओतव्यः ओतव्या ओतव्यम्
अनीयर् विध्यर्थक कृदन्त अवनीय अवनीयः अवनीया अवनीयम्
क्त भूतकालिक कर्मणि कृदन्त (निष्ठा) उत उतः उता उतम्
क्तवतु भूतकालिक कर्तरि कृदन्त (निष्ठा) उतवत् उतवान् उतवती उतवत् / उतवद्
शानच् वर्तमानकालिक कृदन्त (आत्मनेपद) अवमान अवमानः अवमाना अवमानम्
क्त्वा पूर्वकालिक अव्यय (करके) उत्वा — — —
ल्यप् पूर्वकालिक अव्यय, उपसर्ग-सहित (करके) प्रोत्य — — —
तुमुन् निमित्तार्थक अव्यय (करने के लिए) ओतुम् — — —
णमुल् पूर्वकालिक/आभीक्ष्ण्य अव्यय आवम् — — —
क्तिन् भाववाचक स्त्रीलिङ्ग कृदन्त उति — उतिः —
क्वसु भूतकालिक (लिट्) कृदन्त ऊविवस् ऊविवान् ऊवुषी ऊविवत् / ऊविवद्
इन कृदन्त-प्रातिपदिकों के सम्पूर्ण विभक्ति-रूप शब्द-रूपावली में देखें (जैसे क्त — भूत → पुंलिङ्ग "राम" के समान)।